Chanakya Niti: बच्चों के लिए दुश्मन की तरह होते हैं ऐसे माता-पिता
- फोटो : istock
माता शत्रुः पिता वैरी येन बालो न पाठितः ।
न शोभते सभामध्ये हंसमध्ये वको यथा
चाणक्य ने इस श्लोक में बताया है कि जिन माता पिता ने अपने बच्चों की शिक्षा पर ध्यान नहीं दिया, वे बच्चों के शत्रु के समान होते हैं। अशिक्षित बच्चों को यदि विद्वानों के साथ बैठा दिया जाए तो वे तिरस्कृत महसूस करते हैं। विद्वानों के समूह में अशिक्षित बच्चों की वही स्थिति होती है जैसे हंसों के झुंड में बगुले की स्थिति होती है। इसलिए माता-पिता को बच्चों की शिक्षा पर जरूर ध्यान देना चाहिए।