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चाणक्य नीति: शादी से पहले लड़के की कमाई नहीं इन 5 बातों पर दें ध्यान, बाद में नहीं होगा पछतावा

Wed, 16 Sep 2026 01:22 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में जीवनसाथी के चयन के दौरान व्यक्ति के गुण, आचरण और चरित्र को महत्व देने की बात भी कही है। इन बातों को मार्गदर्शन के रूप में समझना चाहिए और शादी का निर्णय आपसी समझ, बातचीत तथा वास्तविक व्यवहार को देखकर ही लेना चाहिए।
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चाणक्य नीति शादी से पहले लड़के की इन 5 आदतों को जरूर परखें - फोटो : AI
शादी जीवन का एक बड़ा फैसला है, इसलिए केवल पहली मुलाकात में अच्छा लगना, अच्छी नौकरी या आकर्षक व्यक्तित्व किसी व्यक्ति को जीवनसाथी चुनने का एकमात्र आधार नहीं होना चाहिए। किसी इंसान की असली सोच और स्वभाव को समझने के लिए यह देखना जरूरी है कि वह रोजमर्रा की परिस्थितियों में कैसा व्यवहार करता है। खासकर गुस्सा आने पर उसका रवैया, दूसरों के प्रति उसका सम्मान और जिम्मेदारियों को लेकर उसकी सोच बहुत कुछ बता सकती है।

आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में भी जीवनसाथी के चयन के दौरान व्यक्ति के गुण, आचरण और चरित्र को महत्व देने की बात कही है। हालांकि, चाणक्य नीति प्राचीन समय की विचारधारा है और आज के रिश्तों की परिस्थितियां अलग हैं। इसलिए इन बातों को मार्गदर्शन के रूप में समझना चाहिए और शादी का निर्णय आपसी समझ, बातचीत तथा वास्तविक व्यवहार को देखकर ही लेना चाहिए।
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वह दूसरों के साथ कैसा व्यवहार करता है - फोटो : adobe stock
1. वह दूसरों के साथ कैसा व्यवहार करता है
किसी व्यक्ति का व्यवहार केवल आपके साथ देखकर उसकी पूरी तस्वीर समझना मुश्किल हो सकता है। ध्यान दें कि वह अपने माता-पिता, दोस्तों, सहकर्मियों, दुकानदारों या अन्य लोगों से किस लहजे में बात करता है। क्या वह सामने वाले की बात सुनता है और उसकी गरिमा का ध्यान रखता है? दूसरों के प्रति उसका सामान्य व्यवहार उसके व्यक्तित्व के बारे में महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है।
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परेशानी आने पर उसका रवैया - फोटो : Freepik.com
2. परेशानी आने पर उसका रवैया
खुशहाल परिस्थितियों में शांत रहना आसान होता है, लेकिन तनाव या मुश्किल समय में व्यक्ति का स्वभाव ज्यादा स्पष्ट दिखाई देता है। यह देखें कि समस्या आने पर वह समाधान खोजने की कोशिश करता है या तुरंत गुस्सा, आरोप-प्रत्यारोप और झगड़े पर उतर आता है। शादीशुदा जीवन में चुनौतियों का सामना मिलकर करना पड़ता है, इसलिए संवाद और संयम महत्वपूर्ण हैं।

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काम और जिम्मेदारियों के प्रति सोच - फोटो : adobestock
3. काम और जिम्मेदारियों के प्रति सोच
सिर्फ वर्तमान कमाई को देखकर जीवनसाथी चुनना पर्याप्त नहीं है। यह समझना भी जरूरी है कि वह अपने काम और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों को कितनी गंभीरता से लेता है। क्या वह भविष्य के लिए योजना बनाता है? क्या अपने हिस्से की जिम्मेदारियां निभाने से बचता तो नहीं? आर्थिक स्थिति समय के साथ बदल सकती है, लेकिन जिम्मेदारी के प्रति दृष्टिकोण रिश्ते पर लंबे समय तक असर डाल सकता है।

4. महिलाओं के प्रति उसकी सोच
शादी से पहले यह जानना भी जरूरी है कि वह महिलाओं की राय और स्वतंत्रता को कितना महत्व देता है। परिवार की महिलाओं के साथ उसके व्यवहार के अलावा यह भी देखें कि वह आपकी पसंद, फैसलों, करियर और व्यक्तिगत सीमाओं का सम्मान करता है या नहीं। बराबरी और आपसी सम्मान स्वस्थ रिश्ते की महत्वपूर्ण नींव हैं।
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गुस्से और गलत आदतों पर नियंत्रण - फोटो : adobe stock
5. गुस्से और गलत आदतों पर नियंत्रण
गुस्सा, झूठ, जुआ, अत्यधिक शराब का सेवन या दूसरी हानिकारक आदतें भविष्य में रिश्ते में तनाव पैदा कर सकती हैं। इसलिए शादी से पहले इन पहलुओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति बार-बार अपमान करता है, डराने की कोशिश करता है या अपने आक्रामक व्यवहार को सही ठहराता है, तो इसे गंभीर संकेत के तौर पर देखना जरूरी है।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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