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चाणक्य नीति: इन तीन तरह के लोगों के साथ रहने पर, हमेशा बन रहता है जान पर खतरा

Fri, 26 Mar 2021 03:42 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
आचार्य चाणक्य कुशाग्र बुद्धि कूटनीति और राजनीति में कुशल विद्वान थे। आज भी उनकी गिनती विश्व के श्रेष्ठ विद्वानों में की जाती है। अर्थशास्त्र की रचना करने के कारण वे कौटिल्य कहलाए। इसके साथ ही उन्हें कई अन्य विषयों की भी गहन समझ थी। आचार्य चाणक्य को विषयों की तो अच्छी समझ थी ही साथ में उनका व्यवहारिक ज्ञान भी बहुत अच्छा था। उन्होंने अपने अनुभव और ज्ञान के आधार पर नीतिशास्त्र लिखा। जिसकी बातें आज के समय में भी लोगों के बीच खासा लोकप्रिय हैं। आचार्य चाणक्य ने तीन ऐसे लोगों के बारे में बताया है, जिनके साथ रहना नर्क के समान है। यदि व्यक्ति ऐसे लोगों के साथ रहता है तो एक न एक दिन उसका अहित अवश्य होता है। तो चलिए जानते हैं कि कौन हैं वे लोग।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
दुष्ट पत्नी
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि दुष्ट और कठोर वचन बोलने वाली स्त्री के कारण घर नर्क के समान हो जाता है। गलत आचरण की स्त्री के साथ रहने से एक न एक दिन व्यक्ति का अहित अवश्य होता है, इसलिए आचार्य चाणक्य कहते हैं कि दुराचारिणी स्त्री के साथ रहना रहने पर व्यक्ति के प्राणों पर भी संकट आ सकता है।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
धूर्त दोस्त
आचार्य चाणक्य के अनुसार धूर्त दोस्त के साथ रहना सर्प के साथ रहने के समान हैं, क्योंकि धूर्त मित्र होने पर व्यक्ति संदेह की स्थिति से घिरा रहता है और वह अपनी मनोस्थिति किसी से नहीं कह पाता है और न ही कोई निर्णय ले पाता है। मित्र ही ऐसा व्यक्ति होता है, जिसे व्यक्ति के बारे में भेद भी पता होता है, इसलिए मित्र के धूर्त होने पर व्यक्ति का अहित हो सकता है। 

 

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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
हर बात पर तपाक से जबाव देना वाला सेवक
नीतिशास्त्र के अनुसार हर बात पर तपाक से जबाव देने वाले सेवक के कारण मालिक किसी न किसी दिन संकट अवश्य फंसता है। ऐसे सेवक के साथ रहने पर जीवन को क्षति हो सकती है।

 
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
जिस घर में सर्प रहता हो 
दुष्ट पत्नी, धूर्त दोस्त, मुंहफट सेवक के अलावा आचार्य चाणक्य ने कहा है कि जिस घर में सर्प रहता है, वहां रहना मृत्यु के निकट रहने के समान है। इसलिए इस तरह के लोगों और ऐसे स्थान से सदैव बचकर रहना चाहिए। 
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