प्रकृति और भक्ति से जुड़ें
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6. प्रकृति और भक्ति से जुड़ें
सुबह की धूप, मंदिर का वातावरण या भजन-कीर्तन सुनना मन को सुकून देता है। दिन में कुछ समय प्रकृति के बीच बिताएं या भक्ति संगीत सुनें, इससे मन शांत होता है और विचारों की गति धीमी पड़ती है।
7. वर्तमान में जीना सीखें
अधिक सोचने की आदत अक्सर भविष्य की चिंता या अतीत की यादों से जुड़ी होती है। धर्म और आध्यात्म हमें वर्तमान में जीना सिखाते हैं। जो अभी है, उसी पर ध्यान दें और हर पल को स्वीकार करें।