Vidur Niti: कहा जाता है कि जीवन को खूबसूरत बनाने के लिए मन में हमेशा स्वीकार का भाव होना चाहिए। यदि व्यक्ति के भीतर परिस्थिति को स्वीकार करने की क्षमता होती है, तो वह हर समस्या का समाधान कर सकता है। कुछ लोग अपने पास मौजूद पद, धन व महंगी वस्तुओं के होने पर भी खुश नहीं होते हैं। वह हमेशा इसे बढ़ाने के प्रयास करते रहते हैं। कई बार दूसरों से ईर्ष्या के कारण व्यक्ति फिजूल खर्च करने लगता है, जो उसके भविष्य को भी प्रभावित करता है।
महात्मा विदुर के अनुसार इंसान में मौजूद गुण उसे दूसरों से अलग बनाते हैं। व्यक्ति की अच्छी आदतें उसे समाज में मान सम्मान दिलाती हैं। ऐसे लोगों पर ईश्वर भी मेहरबान रहता है। लेकिन कुछ आदतें उसे आगे बढ़ने से रोकती हैं। साथ ही इसके चलते वह हमेशा अपना नुकसान कराता है। विदुर के अनुसार व्यक्ति को किसी भी तरह की ईर्ष्या नहीं रखनी चाहिए। यदि वह मन में जलन की भावना रखता है, तो वह सारी धन दौलत धीरे-धीरे गंवा देता है। ऐसे लोगों को समाज में भी सम्मान प्राप्त नहीं होता है। इन्हें त्याग देने में ही भलाई हैं। आइए इन आदतों के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।