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Sunday Upay: रविवार को इस विधि से करें सूर्य देव की पूजा, सभी कार्यों में मिलेगी सफलता

Sun, 11 Sep 2022 09:57 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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रविवार को इस विधि से करें सूर्य देव की पूजा
Surya Dev Remedies: हर तिथि और वार किसी न किसी देवता और भगवान को समर्पित है। ग्रहों के राजा कहे जाने वाले सूर्य देव को रविवार का दिन समर्पित है। हिंदू धर्म में सूर्य देव को प्रमुख देवताओं में से एक माना जाता है। रविवार के दिन सच्चे मन से सूर्य देव की पूजा-अर्चना करने से भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। मान्यता है कि रविवार को पूरे विधि-विधान से सूर्य देव की पूजा-अर्चना और उपासना करने से व्यक्ति के मान-सम्मान में वृद्धि होती है, करियर में खूब सफलता पाता है और नौकरी में प्रमोशन मिलता है। सूर्य देव एक मात्र ऐसे देवता हैं जो प्रत्यक्ष रूप से नजर आते हैं। सूर्यदेव की पूजा करने से घर में सुख समृद्धि का वास होता है। सुबह स्नान के बाद रोजाना सूर्य देव को जल अर्पित करने से और रोज सूर्य नमस्कार करने से जीवन में बड़े बदलाव आते हैं।  आइए जानते हैं सूर्यदेव का महत्व और सूर्य देव की पूजा करने की विधि। 
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रविवार को इस विधि से करें सूर्य देव की पूजा
सूर्यदेव की पूजा का महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार रविवार के दिन भगवान सूर्य की आरधना करने से भाग्योदय होता है। ग्रंथों में सूर्य देव को जीवन, सेहत और शक्ति के देवता के रूप में प्रस्तुत किया गया है। रविवार के दिन  पूरे विधि विधान से सूर्य देव की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और सम्मान बढ़ता है। 
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सूर्य देव
सूर्य देव के पूजा की विधि
  • सूर्यदेव की पूजा के लिए सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें।
  • इसके पश्चात् उगते हुए सूर्य का दर्शन करते हुए उन्हें ॐ घृणि सूर्याय नम: कहते हुए जल अर्पित करें।
  • सूर्य को दिए जाने वाले जल में लाल रोली, लाल फूल मिलाकर जल दें। 
  • सूर्य पूजन के लिए तांबे की थाली और तांबे के लोटे का उपयोग करें। लाल चंदन और लाल फूल की व्यवस्था रखें। एक दीपक लें।
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सूर्य देव
  • लोटे में जल लेकर उसमें एक चुटकी लाल चंदन का पाउडर और लाल फूल भी डाल लें। थाली में दीपक और लोटा रख लें।
  • ॐ सूर्याय नमः मंत्र का जप करते हुए सूर्य को प्रणाम करें। लोटे से सूर्य देवता को जल चढ़ाएं। सूर्य मंत्र का जप करते रहें।
  • अर्घ्य समर्पित करते समय नजरें लोटे के जल की धारा की ओर रखें। जल की धारा में सूर्य का प्रतिबिम्ब एक बिन्दु के रूप में जल की धारा में दिखाई देगा।
  • सूर्य को अर्घ्य समर्पित करते समय दोनों भुजाओं को इतना ऊपर उठाएं कि जल की धारा में सूर्य का प्रतिबिंब दिखाई दे। सूर्य देव की आरती करें। सात प्रदक्षिणा करें व हाथ जोड़कर प्रणाम करें।
  • उगते हुए सूर्य को प्रणाम करने से उसका दर्शन करने से हमारे शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। हमारी दिनचर्या नियमित बनती है। कारोबार में सफलता प्राप्त होती है। इसके लिए प्रातः काल उठकर सूर्यदेव को नमन करना चाहिए। 
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