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Mahashivratri 2020: शिव पूजा में इन 3 चीजों को गलती से भी न भूलें

Wed, 05 Feb 2020 07:24 AM IST
योगेश जोशी धर्म डेस्क, अमर उजाला
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mahashivratri 2020
भगवान शिव की पूजा सबसे आसान मानी जाती है। इन्हें बेलपत्र, धतूरा और एक लोट जल से भी खुश किया जा सकता है।यही कारण है कि शिवभक्त महाशिवरात्रि का अवसर हो या सामान्य दिन शिव को खुश करने के लिए इन तीन चीजों से शिवलिंग की पूजा जरूर करते हैं।
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mahashivratri 2020 - फोटो : Pixabay
शिव महापुराण में भगवान शिव को नीलकंठ कहा गया है क्योंकि सागर मंथन के समय भगवान भोलेनाथ ने सागर मंथन से उत्पन्न हालाहल विष को पीकर सृष्टि को तबाह होने से बचाया था। लेकिन विष पीने के बाद इसके प्रभाव से भगवान शिव का गला नीला पड़ गया क्योंकि इन्होंने विष को अपने गले से नीचे नहीं उतरने दिया।
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mahashivratri 2020 - फोटो : shiv temple
इसका परिणाम यह हुआ कि विष भगवान शिव के मस्तिष्क पर चढ गया और भोलेनाथ अचेत हो गए। ऐसी स्थिति में देवताओं के सामने भगवान शिव को होश में लाना एक बड़ी चुनौती बन गई। देवी भाग्वत् पुराण में बताया गया है कि इस स्थिति में आदि शक्ति प्रकट हुई और भगवान शिव का उपचार करने के लिए जड़ी बूटियों और जल से शिव जी का उपचार करने के लिए कहा।

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mahashivratri 2020 - फोटो : shiv
भगवान शिव के सिर से हालाहल की गर्मी को दूर करने के लिए देवताओं ने भगवान शिव के सिर पर धतूरा, भांग रखा और निरंतर जलाभिषेक किया। इससे शिव जी के सिर से विष का दूर हो गया। इस समय से ही भगवान शिव को धतूरा, भांग और जल चढ़ाया जाने लगा।
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mahashivratri 2020 - फोटो : Social media
आयुर्वेद में भांग और धतूरा का इस्तेमाल औषधि के रूप में होता है। शास्त्रों में तो बेल के तीन पत्तों को रज, सत्व और तमोगुण का प्रतीक माना गया है साथ ही यह ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक माना गया है इसलिए भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का प्रयोग किया जाता है।
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