वृषभ संक्रांति का धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है।
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वृषभ संक्रांति का महत्व
वृषभ संक्रांति का धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है। यह पर्व ज्येष्ठ माह के संक्रमण काल में आता है, जिसे शुभ बदलाव और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पवित्र नदी में स्नान, सूर्य देव की आराधना और जरूरतमंदों को दान करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और खुशहाली बनी रहती है। ज्योतिष शास्त्र में वृषभ राशि के स्वामी शुक्र ग्रह को माना गया है, जो भौतिक सुख, वैभव और ऐश्वर्य के कारक हैं। ऐसे में वृषभ संक्रांति के दिन किए गए शुभ कार्य, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठान विशेष फलदायी माने जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कर्मों से धन-संपत्ति में वृद्धि होती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। इसके अलावा यह समय नए निवेश, व्यापार और भविष्य की योजनाओं की शुरुआत के लिए भी बेहद शुभ माना जाता है।