16 नवंबर 2024 को प्रातः 7:41 बजे सूर्य देव तुला राशि से निकलकर वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे और 15 दिसंबर 2024 तक वहीं रहेंगे।
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वृश्चिक संक्रांति पर क्या करें ?
- वृश्चिक संक्रांति के दिन उबटन करके स्नान करना बहुत लाभकारी माना जाता है। इसे आत्म शुद्धि और पाप का नाश होता है।
- इस दिन पुराने कपड़े, तिल, खिचड़ी, तेल और धन का दान करना बहुत अच्छा माना जाता है। सद्गुणों के बढ़ने से जीवन में सुख और शांति की प्राप्ति होती है।
- तिल, तिल के लड्डू और तिल से बने अन्य उत्पादों का सेवन करने से आशाजनक परिणाम मिलते हैं। तिल को सूर्य देव की पूजा का हिस्सा माना जाता है और इसे समृद्धि और स्वास्थ्य का प्रतीक माना जाता है।
- वृश्चिक संक्रांति विशेष रूप से भगवान शिव की पूजा करने से शारीरिक और मानसिक समस्याएं दूर हो सकती हैं। भगवान शिव की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
- संक्रांति के दिन सूर्य पूजा बहुत शुभ मानी जाती है। यह विशेष रूप से जीवन में स्वास्थ्य और खुशहाली को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है।
- इस दिन सूर्य मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति को बुरे समय से छुटकारा मिलता है और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। सूर्य मंत्रों का जाप करने से आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
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