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Varuthini Ekadashi 2026: कब रखा जाएगा वरुथिनी एकादशी व्रत? जानें तिथि और पूजा विधि

Tue, 07 Apr 2026 07:57 AM IST
Jyoti Mehra धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Varuthini Ekadashi 2026: वैशाख मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को वरुथिनी एकादशी के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस वर्ष वरुथिनी एकादशी का वर्त किस दिन रखा जाएगा और पूजा के लिए कौन-सा समय सबसे शुभ रहने वाला है।
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वरुथिनी एकादशी 2026 - फोटो : Amar Ujala
Varuthini Ekadashi 2026 Date: वैशाख मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को वरुथिनी एकादशी कहा जाता है, जिसे विशेष स्थान दिया गया है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सौभाग्य और सुरक्षा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साल 2026 में यह व्रत अप्रैल महीने में पड़ रहा है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस वर्ष वरुथिनी एकादशी कब मनाई जाएगी और पूजा के लिए कौन-सा समय सबसे शुभ रहने वाला है।

कब है वरुथिनी एकादशी 2026?
 द्रिक पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में वरुथिनी एकादशी की तिथि 13 अप्रैल को रात 1 बजकर 17 मिनट से शुरू होकर 14 अप्रैल को रात 1 बजकर 8 मिनट तक रहेगी। हिंदू धर्म में व्रत रखने का निर्धारण उदया तिथि के आधार पर किया जाता है, इसलिए इस बार वरुथिनी एकादशी का व्रत 13 अप्रैल 2026, सोमवार को रखा जाएगा।

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शुभ मुहूर्त और पूजा का समय - फोटो : adobe stock
शुभ मुहूर्त और पूजा का समय
  • इस दिन प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना और व्रत का संकल्प लेना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • सुबह का समय भगवान विष्णु की आराधना के लिए श्रेष्ठ होता है।
  • इस दौरान श्रद्धा और भक्ति से की गई पूजा व्यक्ति को विशेष पुण्य फल प्रदान करती है।
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वरुथिनी एकादशी की पूजा विधि - फोटो : adobe stock
वरुथिनी एकादशी की पूजा विधि
  • इस दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे, विशेषकर पीले रंग के वस्त्र पहनें।
  • पूजा स्थल पर एक चौकी सजाकर भगवान विष्णु या उनके वराह अवतार की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  • इसके बाद भगवान को अक्षत, फल, पीले पुष्प और चंदन अर्पित करें। धूप-दीप जलाकर विधि पूर्वक आरती करें।
  • धार्मिक ग्रंथों के अनुसार तुलसी के बिना भगवान विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है।
  • पूजा के समय “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करना मन को शांति और आध्यात्मिक शक्ति देता है।
  • शाम के समय घी का दीपक जलाकर विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना भी अत्यंत फलदायी माना गया है।

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व्रत के दौरान किन बातों का रखें ध्यान - फोटो : adobe
व्रत के दौरान किन बातों का रखें ध्यान
  • व्रत रखने वाले व्यक्ति को इस दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • तामसिक भोजन जैसे लहसुन-प्याज से दूर रहना चाहिए।
  • मन और विचारों की शुद्धता बनाए रखें।
  • क्रोध, झूठ और नकारात्मक सोच से बचते हुए दान-पुण्य करें।
 
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वरुथिनी एकादशी का धार्मिक महत्व - फोटो : adobe stock
वरुथिनी एकादशी का धार्मिक महत्व
वरुथिनी एकादशी को अत्यंत पुण्य देने वाली तिथि माना गया है। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति के पाप समाप्त हो जाते हैं और उसे मोक्ष की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग मिलता है। यह व्रत जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाने वाला भी माना जाता है। कहा जाता है कि इसका फल हजारों वर्षों की तपस्या के बराबर होता है।


 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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