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Varuthini Ekadashi: वरुथिनी एकादशी के दिन इन निमयों का पालन है जरूरी, पूजा के दौरान ध्यान रखें ये बातें

Tue, 26 Apr 2022 10:09 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
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वरुथिनी एकादशी के दिन इन निमयों का पालन है जरूरी - फोटो : istock
Varuthini Ekadashi 2022: वैशाख माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को वरुथिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। एकादशी के दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस बार वरुथिनी एकादशी 26 अप्रैल को है। इस दिन भगवान विष्णु के भक्त नियमपूर्वक एकादशी का व्रत रखते हैं और दान करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत करने से कष्ट और दुख दूर होते हैं, इसके अतिरिक्त विष्णु कृपा से मोक्ष की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में एकादशी व्रत से संबंधित कुछ नियम बताए गए हैं। इन नियमों का पालन करना बहुत आवश्यक होता है। तो चलिए जानते हैं कि शुभ फल की प्राप्ति के लिए इस दिन किन नियमों का करना चाहिए...

वरुथिनी एकादशी व्रत नियम
जो भी व्यक्ति एकादशी का व्रत रखता है उसे इस दिन तामसिक भोजन और विचारों से दूर रहना चाहिए। इस दिन व्रत रखने वाले जातक को अपने मन, वचन और कर्म तीनों को शुद्ध रखना जरूरी है।  
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वरुथिनी एकादशी के दिन इन निमयों का पालन है जरूरी - फोटो : अमर उजाला
इस दिन व्रत रखने वाले व्यक्ति को पीले रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए। साथ ही वरुथिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की किसी पीली चीज का भोग लगाएं। भोग लगाते समय उसमें तुलसी की पत्तियों को अवश्य शामिल करें।  
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वरुथिनी एकादशी के दिन इन निमयों का पालन है जरूरी - फोटो : अमर उजाला
इस बात का ध्यान जरूर रखें कि भगवान विष्णु की पूजा में पंचामृत, तुलसी का पत्ता, पीले फूल, दीपक, चंदन, केसर, हल्दी, धूप, गंध, आदि का प्रयोग किया जाता है। साथ ही वरुथिनी एकादशी के दिन व्रत कथा का श्रवण अवश्य करें।

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वरुथिनी एकादशी के दिन इन निमयों का पालन है जरूरी - फोटो : अमर उजाला
तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है, इसलिए उनकी पूजा में हर तरह से तुलसी का प्रयोग करना चाहिए। ऐसे में एकादशी के दिन पूजा के साथ भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप तुलसी की माला से अवश्य करें। ऐसा करने से मनोकामना की सिद्धि होती है।
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वरुथिनी एकादशी के दिन इन निमयों का पालन है जरूरी - फोटो : अमर उजाला
एकादशी के दिन पूजा का समापन भगवान विष्णु की आरती ''ओम जय जगदीश हरे'' से ही करनी चाहिए। साथ ही इस दिन भगवान के सम्मुख घी का दीपक या कपूर से आरती करें। मान्यता है कि आरती करने से घर की नकारात्मकता दूर होती है।  
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वरुथिनी एकादशी के दिन इन निमयों का पालन है जरूरी - फोटो : istock
एकादशी के दिन व्रती और परिवार के अन्य सदस्य इस बात का ध्यान रखें कि वे बाल, नाखून, दाढ़ी न काटें। साथ ही इस दिन स्नान के समय साबुन का भी इस्तेमाल न करें।  
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वरुथिनी एकादशी के दिन इन निमयों का पालन है जरूरी - फोटो : iStock
मान्यता है कि इस दिन घर में झाड़ू नहीं लगानी चाहिए। ऐसा करने से घर में मौजूद छोटे-मोटे कीड़े मर सकते हैं, जिससे जीव हत्या का दोष लगता है। 
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