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Vaishakh Purnima 2022: आज है वैशाख पूर्णिमा, इस दिन व्रत करने से दूर होती है दुख और दरिद्रता, जानें इसका महत्व

Mon, 16 May 2022 12:07 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
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कल है वैशाख पूर्णिमा, इस दिन व्रत करने से दूर होती है दुख और दरिद्रता - फोटो : iStock
Vaishakh Purnima 2022: कल यानी 16 मई, दिन सोमवार को वैशाख पूर्णिमा है। सनातन धर्म में वैशाख पूर्णिमा का अत्यंत विशेष महत्व माना गया है। इसी दिन बुद्ध पूर्णिमा भी है। मान्यता है कि इस दिन दान-पुण्य और धर्म-कर्म के अनेक कार्य किए जाते हैं। इस बार वैशाख पूर्णिमा का महत्व और भी अधिक बढ़ जाएगा, क्योंकि वैशाख पूर्णिमा पर ही साल 2022 का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है। ग्रहण और पूर्णिमा के अवसर पर स्नान-दान का बहुत ही अधिक महत्व है। वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि को गंगा स्नान, दान, पुण्य और व्रत करने से विशेष लाभ मिलता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा भक्ति के साथ पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करने से पुण्य लाभ किया जा सकता है। ऐसे में चलिए आज जानते हैं वैशाख पूर्णिमा पर पूजा विधि और व्रत के महत्व के बारे में... 
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कल है वैशाख पूर्णिमा, इस दिन व्रत करने से दूर होती है दुख और दरिद्रता - फोटो : iStock
वैशाख पूर्णिमा का महत्व
वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध जयंती के रूप में मनाया जाता है। हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, गौतम बुद्ध भगवान विष्णु के नौवें अवतार माने जाते हैं। ऐसे में इस दिन भगवान बुद्ध के अलावा श्रीहरि विष्णु की भी पूजा की जाती है। 
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कल है वैशाख पूर्णिमा, इस दिन व्रत करने से दूर होती है दुख और दरिद्रता - फोटो : अमर उजाला
वहीं एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवान श्री कृष्ण ने वैशाख पूर्णिमा का महत्व अपने परम-मित्र सुदामा को उस समय बताया था, जब वे द्वारिका पहुंचे थे और सुदामाजी ने इस दिन व्रत किया था। कहा जाता है कि इस व्रत को करने से सुदामाजी की दरिद्रता और दुख दूर हो गए थे। 

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कल है वैशाख पूर्णिमा, इस दिन व्रत करने से दूर होती है दुख और दरिद्रता - फोटो : iStock
इसके बाद से वैशाख पूर्णिमा का महत्व और अधिक बढ़ गया। इसके अलावा इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं भी पूर्ण हो जाती हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। 
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कल है वैशाख पूर्णिमा, इस दिन व्रत करने से दूर होती है दुख और दरिद्रता - फोटो : iStock
वैशाख पूर्णिमा पूजा विधि 
जिन लोगों को वैशाख पूर्णिमा का व्रत रखना है, वो लोग इस दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करें या ऐसा संभव न हो तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगा जल डालकर स्नान करें। 
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कल है वैशाख पूर्णिमा, इस दिन व्रत करने से दूर होती है दुख और दरिद्रता - फोटो : iStock
स्नान के बाद सूर्य के मंत्रों का जाप करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके बाद घर के मंदिर या पूजा स्थल पर दीपक जलाएं और विधि-विधान से पूजा करें। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और व्रत का संकल्प लिया जाता है। साथ ही इस दिन शाम के समय चंद्रमा को अर्घ्य जरूर दें।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये खबर लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस खबर में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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