वैशाख अमावस्या 11 मई मंगलवार को पड़ रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, वैशाख अमावस्या को धर्म-कर्म, स्नान-दान और पितरों के तर्पण के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। इस दिन काल सर्प दोष से मुक्ति पाने के ज्योतिषीय उपाय किए जाते हैं। प्रत्येक माह में अमावस्या तिथि कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि होती है। शास्त्रों में वैशाख अमावस्या को पितरों को मोक्ष दिलाने तिथि कहा गया है। इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से जातकों का जीवन सफल हो जाता है। इन उपायों के द्वारा उनकी समस्त प्रकार की कामनाएं पूर्ण होती हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या के दिन गंगा स्नान करना चाहिए।
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- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या के दिन गंगा स्नान करना चाहिए। इस दिन गंगा स्नान करने का बहुत अधिक महत्व होता है। इस बार कोरोना की वजह से गंगा स्नान करना संभव नहीं है, इसलिए घर में सभी पवित्र तीर्थों का ध्यान करते हुए स्नान करें। अगर, आपके घर में गंगा जल है तो इस दिन स्नान करने वाले जल में थोड़ा सा गंगा जल मिला लें।
अमावस्या के दिन दान करने का बहुत अधिक महत्व होता है।
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- अमावस्या के दिन दान करने का बहुत अधिक महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दान करने से बहुत अधिक लाभ मिलता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन दान करने से कई गुना फल मिलता है। अमावस्या के दिन अपनी क्षमता के अनुसार दान अवश्य करें।
अमावस्या के दिन गाय को खाना खिलाना चाहिए।
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- अमावस्या के दिन गाय की पूजा करनी चाहिए। इस दिन गाय को हरा चारा खिलाने से पितर खुश होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन गाय को हरा चारा खिलाना बहुत शुभ होता है। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इस दिन गाय को सात्विक आहार ही खिलाएं।
अमावस्या के दिन अपने मन में पितरों की तृप्ति का संकल्प कर जल, अन्न का दान करना चाहिए।
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- अमावस्या के दिन अपने मन में पितरों की तृप्ति का संकल्प कर जल, अन्न का दान करना चाहिए। ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमवास्या का दिन महत्वपूर्ण होता है।
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- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या का दिन महत्वपूर्ण होता है। इस दिन पितरों की तृप्ति के लिए पिंडदान, तर्पण, श्राद्ध किए जाते हैं। इस दिन मांस मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। अमावस्या के दिन सात्विक आहार लें। अमावस्या का दिन पितरों की तृप्ति का दिन होता है। इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।