Trishul And Damru Vastu: सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस दौरान भोलेनाथ से जुड़ी वस्तुओं की पूजा और उन्हें घर में स्थापित करना धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है। इन्हीं में त्रिशूल और डमरू का विशेष महत्व है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर में त्रिशूल और डमरू को सही दिशा और उचित स्थान पर रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने की मान्यता है। कहा जाता है कि त्रिशूल नकारात्मकता से रक्षा का प्रतीक है, जबकि डमरू को शुभ ऊर्जा और आध्यात्मिक जागरण से जोड़ा जाता है। हालांकि, इन्हें घर में रखने से पहले दिशा, स्थान और साफ-सफाई से जुड़े कुछ नियमों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। आइए जानते हैं घर में त्रिशूल और डमरू रखने की सही दिशा, स्थान, नियम और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसके फायदे।