जो पृथ्वी पर जन्म लेता है उसकी मृत्यु भी होती है। मृत्यु इस जीवन का अटल सत्य है। शास्त्रों में कहा गया है कि व्यक्ति अपने अच्छे और बुरे कर्मों के अनुसार मृत्यु के पश्चात स्वर्ग और नरक लोक में जाता है। कहा जाता है अच्छे कर्म करने वाले को स्वर्ग की प्राप्ति होती है तो बुरे कर्म करने वाला इस लोक के बाद भी नरक की यातनाएं भोगता है। मनुष्य के अच्छे कर्म ही उसके लिए मोक्ष के द्वार खोलते हैं। मोक्ष प्राप्ति का अर्थ होता है जीवन मरण के चक्र से मुक्त हो जाना। मोक्ष का प्राप्ति के बाद मनुष्य को दोबारा इस मृत्युलोक पर जन्म लेने की आवश्यकता नहीं रहती है। इसलिए हर मनुष्य मृत्यु के पश्चात मोक्ष की प्राप्ति करना चाहता है। शास्त्रों में कुछ ऐसे कार्य बताए गए हैं, जिन्हें करने से मनुष्य के मृत्यु समय के कष्ट कट जाते हैं। उसे इस लोक के बाद स्वर्ग में स्थान मिलता है। मनुष्य जीवन मरण के बंधन से मुक्त होकर मोक्ष की प्राप्ति करता है।