फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महाबलीपुरम के इन मंदिरो में है भगवान विष्णु और शिव का वास

Fri, 11 Oct 2019 11:11 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
महाबलिपुरम - फोटो : ANI
महाबलीपुरम मंदिरों का एक शहर है और यह तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से 55 किलोमीटर दूर बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित है। भव्य मंदिरों, स्थापत्य और सागर-तटों के लिए यह शहर बहुत अधिक प्रसिद्ध है। तट मंदिर और रथ गुफा मंदिर इनमें से सबसे अधिक प्रसिद्ध हैं। आइए इनके बारें में विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हैं।

विज्ञापन

2 of 5
mamallapuram, mahabalipuram - फोटो : PTI
तट मंदिर 
महाबलीपुरम के तट मंदिर, मंदिरों में एक दम ताजा कर देने वाले त्रुटि रहित शिल्प हैं जो ग्रेंडियोज़ द्रविणियन वास्तुकला से भिन्न है और जिसमें सुरक्षात्मक ब्रेक वॉटर के पीछे तरंगों पर स्तंभ बनाए जाते थे। सुंदर बहुभुजी गुम्बद वाले इन मंदिरो में भगवान विष्णु और शिव का निवास है। ये सुंदर मंदिर हवा और समुद्र के झोंकों से परिपूर्ण हैं।
विज्ञापन

3 of 5
ममल्लापुरम (महाबलीपुरम) के मंदिरों में शिल्प का नमूना - फोटो : PTI
रथ गुफा मंदिर
महाबलीपुरम के रथ गुफा मंदिर का निर्माण पत्थरों को काट कर किया गया है। इसे विशेष रूप से इसमें बनाए गए रथों के लिए जाना जाता है। यह मंदिर रथ के आकार में बना हुआ है और इसमें भगवान शिव की महिमा के हजारों शिल्प बनाए गए हैं।

4 of 5
mamallapuram, mahabalipuram - फोटो : PTI
महाबलीपुरम में रथ
महाबलीपुरम में आठ रथ हैं जिनमें से पांच को महाभारत के पात्र पांच पाण्डवों और एक द्रौपदी के नाम पर नाम दिया गया है। इन पांच रथों को धर्मराज रथ, भीम रथ, अर्जुन रथ, द्रौपदी रथ, नकुल और सहदेव रथ के नाम से जाना जाता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
mamallapuram, mahabalipuram - फोटो : PTI
वराह गुफा मंदिर
वराह गुफा मां लक्ष्मी, दुर्गा और विष्णु के वराह अवतार को समर्पित है। बाहर से साधारण दिखने वाली इस गुफा के भीतर की दीवारें खूबसूरत मूर्तिकला से सुसज्जित हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस गुफा के खंभे भगवान नरसिंह के मजबूत बाजुओं पर टिके हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें