फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अगर आपके बच्चे को लग जाती है बार -बार चोट, तो इन उपायों को करने से होगा लाभ

Tue, 09 Mar 2021 02:41 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay
बच्चों का स्वाभाव बहुत ही चंचल होता है। वे अक्सर खेलते हुए अपने चोट लगा लेते हैं। ज्योतिष में माना जाता है कि जब तक बच्चा 12 वर्ष से कम आयु का रहता है तब तक उसके ऊपर चंद्रमा के प्रभाव अधिक रहता है, जिसके कारण बच्चों में चंचलता अधिक होती है। यदि चंद्रमा की स्थिति अनुकूल न हो तो अक्सर बच्चे खेलते समय स्वयं को चोट लगा बैठते हैं। कई बार स्थिति गंभीर भी हो सकती है। कुछ आसान से उपायों को करके चंद्रमा का स्थिति को अनुकूल बना सकते हैं। बच्चों को बार-बार चोट लगने से बचा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं उपाय...
विज्ञापन

2 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
यदि आपका बच्चा अत्यधिक चंचल है तो बच्चे को गले में अर्धचन्द्र का लॉकेट पहनाकर रखें। इससे बच्चे की सेहत भी अच्छी रहती है इसके साथ ही बार-बार चोट लगने की संभावना भी कम हो जाती है। इसके अलावा बच्चे को मोती भी पहनाया जा सकता है। हमेशा ध्यान रखें की सोते समय बच्चे के सिरहाने की ओर कभी भी पानी न रखें।
विज्ञापन

3 of 4
हनुमान जी
हर मंगलवार के दिन हनुमान जी के मंदिर जाकर चमेली के तेल का दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें। इससे आपके घर में बड़े और बच्चे दोनों का ही दुर्घटनाओं से बचाव होता है। इसके साथ ही यदि आपके घर में किसी को अत्धिक चोट लगती है तो हनुमान जी के मंदिर में जाकर हाथ में मौली बंधवाएं। यह आपके बच्चे के रक्षा कवच की तरह होता है।
विज्ञापन

4 of 4
हनुमान जी
घर से बाहर निकलते समय हमेशा मुंह में कुछ मीठा डालकर ही बाहर जाएं। यदि आपको दुर्घटना होने की आशंका अधिक रहती है तो हनुमान जी के मंदिर में गुड और चने का प्रसाद बांटें। इससे दुर्घटनाओं से बचाव होता है। इसके अलावा दुर्घटनाओं या बार बार लगने वाली चोट से बचने के लिए पक्षियों को लाल मसूर की दाल खिलानी चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें