बच्चों का स्वाभाव बहुत ही चंचल होता है। वे अक्सर खेलते हुए अपने चोट लगा लेते हैं। ज्योतिष में माना जाता है कि जब तक बच्चा 12 वर्ष से कम आयु का रहता है तब तक उसके ऊपर चंद्रमा के प्रभाव अधिक रहता है, जिसके कारण बच्चों में चंचलता अधिक होती है। यदि चंद्रमा की स्थिति अनुकूल न हो तो अक्सर बच्चे खेलते समय स्वयं को चोट लगा बैठते हैं। कई बार स्थिति गंभीर भी हो सकती है। कुछ आसान से उपायों को करके चंद्रमा का स्थिति को अनुकूल बना सकते हैं। बच्चों को बार-बार चोट लगने से बचा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं उपाय...