ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य को ग्रहों का राजा कहा जाता है। सूर्य सेहत, संपत्ति एवं सुख-शांति का कारक ग्रह है। सूर्य के शुभ-अशुभ प्रभाव व्यक्ति को राजा, रंक बनाने का माद्दा भी रखते हैं। 13 अप्रैल 2020, सोमवार को सूर्य ने मेष राशि में प्रवेश किया है और 14 मई, 2020 गुरुवार तक इसी राशि में रहेंगे। सूर्य एक राशि में एक महीने तक रहते हैं।
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कुंडली में सूर्य के मजबूत होने पर जातक राजा, मंत्री, सेनापति, प्रशासक, मुखिया, धर्म संदेशक आदि बनता है। सूर्य का शुभ प्रभाव जातक के भीतर आत्मविश्वास को बढ़ाता हैं और तमाम विषम परिस्थितियों से लोहा लेने की ताकत प्रदान करता है।
लेकिन सूर्य के कुंडली में कमजोर होने पर जातक को तमाम परेशानियों से जूझना पड़ता है। शारीरिक तथा सफलता की दृष्टि से विपरित परिणाम मिलते हैं। आइए, आज जानते हैं सूर्य को प्रसन्न करने के आसान उपाय.....
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सूर्य को जल अर्पित करें
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य के शुभ प्रभाव के लिए नित्य उगते हुए सूर्य का दर्शन कर उन्हें जल अर्पित करना चाहिए। अगर संभव हो तो सूर्य को जल अर्पित करते समय जल में लाल रोली और लाल फूल मिलाएं।
जल अर्पित करते समय 'ॐ घृणि सूर्याय नम:' मंत्र बोलना चाहिए। नित्य ऐसा करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं।
सूर्य देव को जल अर्पित करने के लाभ
सूर्य को जल चढ़ाने से एक नई ऊर्जा का संचार होता है।
कार्यों में सफलता मिलने लगती है।
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मंत्र जाप नित्य सूर्य को जल अर्पित करने के बाद निम्न मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए।
''एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते।
अनुकम्पय मां भक्त्या गृहणाध्र्य दिवाकर।।''
माता-पिता का सम्मान करते हुए, प्रतिदिन चरण स्पर्श करें। ऐसा करने से कुडंली में मौजूद कमजोर सूर्य मजबूत होने लगता है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार माता-पिता का सम्मान करने और प्रतिदिन चरण स्पर्श करने वाले व्यक्तियों पर भगवान की विशेष कृपा रहती है।