द्रौपदी के स्वयंवर के लिए उनके पिता राजा द्रुपद ने शर्त रखी थी कि नीचे लगे जल कुंड में देखकर ऊपर लगी हुई मछली की आंख को जो भी योद्धा अपने बाण से भेद देगा, उसी से द्रौपदी का विवाह होगा। इस दौरान कोई भी योद्धा इस शर्त को पूरा नहीं कर पाया। कर्ण ने शर्त को पूरा करने का प्रयास किया तो द्रौपदी ने सूत पुत्र से विवाह करने से इंकार कर दिया। तब ब्राह्मण के वेश में आए अर्जुन ने शर्त पूरी कर दी। अर्जुन द्वारा शर्त पूरी करने पर ब्राह्मण के साथ राजकुमारी के विवाह पर सभी राजाओं ने आपत्ति जताई। उस स्वयंवर में भगवान श्रीकृष्ण अतिविशिष्ट अतिथि थे। राजाओं द्वारा ब्राह्मण को कन्या देने पर विवाद होते देख कान्हा ने अपनी कुशल नीतियों के बल पर और भीम ने अपने बाहुबल पर स्थिति को संभाल लिया।
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