फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Somvati Amavasya 2026: कब है सोमवती अमावस्या? जानें तारीख, मुहूर्त और पूजा विधि

Fri, 13 Feb 2026 08:31 PM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Somvati Amavasya: सोमवती अमावस्या का व्रत सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और दांपत्य सुख के लिए रखती हैं। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पवित्र नदी में स्नान और दान करने से पितृ दोष से राहत मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। सही मुहूर्त में व्रत और पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है तथा परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
विज्ञापन
1 of 4
सोमवती अमावस्या 2026 - फोटो : amar ujala
Somvati Amavasya 2026: अमावस्या तिथि को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है। जब यह तिथि सोमवार के दिन आती है, तो इसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है और इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए स्नान, दान और पूजा-पाठ का विशेष फल मिलता है। खासकर पवित्र नदी में स्नान करने से मन और आत्मा की शुद्धि होती है तथा जीवन की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या पर माता पार्वती और भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा करने से दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली के लिए व्रत रखती हैं और पीपल के वृक्ष की परिक्रमा करती हैं। साथ ही, इस दिन स्नान-दान करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलने की भी मान्यता है। आइए जानते हैं इस वर्ष सोमवती अमावस्या की सही तिथि, स्नान-दान का शुभ समय और पूजन की संपूर्ण विधि।
विज्ञापन

2 of 4
सोमवती अमावस्या 2026 - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सोमवती अमावस्या कब है?
पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि 16 फरवरी, सोमवार को शाम 5 बजकर 35 मिनट से शुरू होगी और 17 फरवरी, मंगलवार को शाम 5 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। चूंकि 16 फरवरी को सूर्यास्त से पहले ही अमावस्या तिथि लग रही है, इसलिए इस दिन सोमवती अमावस्या का व्रत मान्य होगा। शास्त्रों में उल्लेख है कि यदि सोमवार को सूर्यास्त से पहले थोड़े समय के लिए भी अमावस्या तिथि रहे, तो उसे सोमवती अमावस्या ही माना जाता है। इसी आधार पर 16 फरवरी को व्रत रखना धार्मिक रूप से उचित रहेगा। वहीं, 17 फरवरी को भी अमावस्या तिथि रहने के कारण भौमवती अमावस्या का संयोग बनेगा।
विज्ञापन

3 of 4
सोमवती अमावस्या 2026 - फोटो : अमर उजाला
सोमवती अमावस्या 2026 शुभ मुहूर्त
इस वर्ष सोमवती अमावस्या का व्रत 16 फरवरी, सोमवार को रखा जाएगा। स्नान और दान का शुभ समय 17 फरवरी, मंगलवार की सुबह रहेगा, जो विशेष रूप से पुण्यदायी माना गया है। इस दिन पितरों की शांति और आशीर्वाद के लिए दोपहर के समय तर्पण, पिंडदान या अन्य संबंधित उपाय किए जा सकते हैं। मान्यता है कि अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान कर दान करने से व्यक्ति को विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है और पितृ दोष से राहत मिल सकती है।
विज्ञापन

4 of 4
सोमवती अमावस्या 2026 - फोटो : अमर उजाला
सोमवती अमावस्या 2026 पूजा विधि
• अमावस्या के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें कि आप यह व्रत पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए कर रहे हैं।
• संभव हो तो शिव मंदिर जाकर भगवान शिव और माता पार्वती की विधिपूर्वक पूजा करें। यदि मंदिर जाना संभव न हो, तो घर में एक साफ चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर शिव-पार्वती की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
• पूजा के दौरान शिवलिंग और माता पार्वती की प्रतिमा पर 7 या 11 बार कच्चा सूत (विषम संख्या में) अर्पित करें। मान्यता है कि ऐसा करने से दांपत्य जीवन में प्रेम और स्थिरता बनी रहती है।
• भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र और माता पार्वती को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें। इसके बाद विधिवत पूजा और आरती करें तथा परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें।
• पूजा के बाद पीपल के वृक्ष की 108 बार परिक्रमा करना शुभ माना जाता है। परिक्रमा करते समय 108 बार धागा लपेटें और पीपल में शिव का वास मानकर जल, दूध, चंदन और अक्षत अर्पित करें।
• अंत में पितरों की शांति और आशीर्वाद के लिए दान-पुण्य करें तथा जरूरतमंदों को भोजन या वस्त्र दान दें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें