फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shukravar Vrat: शुक्रवार व्रत में करें इस पूजा विधि और नियम का पालन, पूरी होगी हर मनोकामना

Thu, 06 Mar 2025 01:34 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शुक्रवार का दिन विशेष रूप से माता संतोषी और देवी लक्ष्मी की पूजा के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन विधि पूर्वक व्रत करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है और उसके समस्त कष्ट दूर होने लगते हैं।
 
विज्ञापन
1 of 5
शुक्रवार व्रत नियम - फोटो : Amar Ujala
Shukravar Vrat Niyam In Hindi: हिंदू धर्म में उपवास या व्रत रखने की परंपरा अत्यंत प्राचीन और महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होता है, बल्कि मानसिक और शारीरिक शुद्धि के लिए भी लाभकारी माना जाता है। सप्ताह के प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवता की आराधना के लिए समर्पित होता है और उस दिन विशेष व्रत रखने का अपना अलग महत्व होता है।

शुक्रवार का दिन विशेष रूप से माता संतोषी और देवी लक्ष्मी की पूजा के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन विधि पूर्वक व्रत करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है और उसके समस्त कष्ट दूर होने लगते हैं।

Ravivar Upay: रविवार के दिन करें इन चीजों की खरीदारी, जानें इससे जुड़ी मान्यता
Swastika: घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक बनाने का क्या है महत्व? जानें इसे बनाने का नियम
Shani Dev Ki Puja: जानें शनिदेव को तेल चढ़ाने की सही विधि, इस मंत्र के जाप से बरसेगी कृपा
विज्ञापन

2 of 5
शुक्रवार व्रत के नियम - फोटो : adobe stock
शुक्रवार व्रत के नियम
शुक्ल पक्ष के प्रथम शुक्रवार से इस व्रत की शुरुआत करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि माघ माह में इस व्रत को आरंभ किया जाए तो इसका प्रभाव और भी अधिक बढ़ जाता है। हालांकि, मलमास या खरमास के दौरान इस व्रत को प्रारंभ करने की सलाह नहीं दी जाती। 

 
विज्ञापन

3 of 5
शुक्रवार व्रत के नियम - फोटो : adobe stock
इस व्रत में खटाई यानि खट्टे पदार्थों जैसे नींबू, इमली, दही आदि के सेवन की मनाही होती है। ऐसा करने से व्रत का संकल्प भंग हो सकता है। व्रती को इस दिन नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। बिना नमक वाला भोजन ग्रहण करना इस व्रत का एक महत्वपूर्ण नियम होता है। माता संतोषी और देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए इस दिन लाल रंग के वस्त्र पहनना अत्यंत शुभ माना जाता है।

4 of 5
शुक्रवार व्रत पूजा विधि  - फोटो : adobe stock
शुक्रवार व्रत पूजा विधि 
व्रत के दिन प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद माता संतोषी या देवी लक्ष्मी के समक्ष व्रत का संकल्प लें। पूजा स्थल पर माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र के साथ श्रीयंत्र की स्थापना करना भी शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान भक्त को पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव से माता की आराधना करनी चाहिए। माता संतोषी को गुड़ और चने का भोग लगाना अनिवार्य माना जाता है। यह प्रसाद माता को अति प्रिय होता है और इससे व्रत का संकल्प पूर्ण माना जाता है। 
 

Shivling Puja Vidhi: इस दिशा में खड़े होकर चढ़ाएं शिवलिंग पर जल, भगवान शिव करेंगे हर इच्छा पूरी


 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
शुक्रवार व्रत के लाभ - फोटो : adobe stock
शुक्रवार व्रत के लाभ
इस व्रत को करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति आती है। साथ ही घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है और आर्थिक परेशानियां भी दूर होती हैं। माता लक्ष्मी की कृपा से धन-धान्य की वृद्धि होती है।



Holashtak 2025: होलाष्टक में शुभ कार्य क्यों होते हैं वर्जित? जानें क्या है इसकी धार्मिक मान्यता
Holi 2025 Upay: धन लाभ के लिए होली के दिन करें ये खास उपाय, आर्थिक स्थिति हो जाएगी दुरुस्त

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें