श्रीकृष्ण के जीवन में अंक 8 का महत्व और जन्मोत्सव योग
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1. श्रीकृष्ण के जीवन में अंक 8 का महत्व और जन्मोत्सव योग
दिव्य जन्म संयोग: भगवान श्रीकृष्ण विष्णु जी के 8वें अवतार हैं। उन्होंने 8वें मनु वैवस्वत के मन्वंतर के 28वें द्वापर युग में, वसुदेव जी के 8वें पुत्र के रूप में जन्म लिया।
शुभ मुहूर्त व तिथि: उनका जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ। रात्रि के 7 मुहूर्त बीत जाने के बाद जैसे ही 8वां मुहूर्त (शून्य काल) उपस्थित हुआ, रोहिणी नक्षत्र के संयोग से अत्यंत शुभ 'जयंती योग' में मध्यरात्रि 12 बजे उनका अवतरण हुआ।
पारिवारिक संबंध: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, अष्टमी तिथि को जन्मे श्रीकृष्ण की 8 प्रमुख पटरानियां (अष्टभार्या) थीं।