पितृ पक्ष 2020
श्राद्ध में खीर बनाने की परंपरा है। जैसा कि पहले ही बताया कि जो चावल के पिंड बनाए जाते हैं, उन्हें पयास अन्न कहा जाता है क्योंकि वे तरल और चावल से मिलकर बनते हैं। इसी तरह से खीर को भी पयास अन्न माना गया है। यह भी चावल और दूध मिलाकर बनाई जाती है। इसलिए पके हुए भोजन में खीर भी पितरों को भोग स्वरुप दी जाती है। मान्यता है कि खीर को कभी अकेले नहीं बनाया जाता है, इसलिए इसके साथ पूड़ी भी बनाई जाती है। पितृपक्ष में पितर हमारे यहां अतिथि के रुप में पधारते हैं, इसलिए उन्हें खीर-पूड़ी का भोग लगाया जाता है।