फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिवजी को प्रसन्न करने के लिए विशेष है यह दिन, व्रत तिथि और संपूर्ण पूजा विधि

Tue, 13 Oct 2020 12:47 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 4
pradosh vrat 2020: सप्ताह के जिस दिन प्रदोष व्रत होता है उसी के नाम पर प्रदोष व्रत का नाम रखा जाता है
एक माह में दो पक्ष होते हैं एक कृष्ण पक्ष दूसरा शुक्ल पक्ष दोनों पक्षों की त्रियोदशी तिथि को शिव जी की तिथि माना जाता है। इस तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। यह तिथि शिव जी को मनाने के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। शिव जी की कृपा पाने के लिए शास्त्रों में भी यह तिथि महत्वपूर्ण मानी गई है। इस माह में 14 अक्तूबर को दिन बुधवार को प्रदोष व्रत किया जाएगा। सप्ताह के जिस दिन प्रदोष व्रत होता है उसी के नाम पर प्रदोष व्रत का नाम रखा जाता है इस बार बुधवार का दिन पड़ने के कारण यह व्रत बुध प्रदोष व्रत कहलाएगा। इस व्रत को श्रद्धा पूर्वक करने से शिव जी की कृपा प्राप्त होती है और दरिद्रता से मुक्ति मिलती है। जानते हैं क्या है व्रत की विधि और इसके लाभ
विज्ञापन

2 of 4
भगवान शिव
इस बार यह व्रत बुधवार को पड़ रहा है इसलिए शिव जी की कृपा के साथ बुध ग्रह के कारक बुद्धि के देवता श्री गणेश की कृपा भी प्राप्त होगी। प्रातः जल्दी स्नानादि से निवृत होकर भगवान शिव का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प लें। उसके बाद उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके शिव जी  की पूजा करें। शिव जी को प्रसन्न करने के लिए उनकी प्रिय चीजों जेस भांग, धतूरा और दूध आदि अर्पित करें। इसके अलावा सफेद चंदन से तिलक करें और शिव जी को अक्षत अर्पित करें धूप दीप जलाएं। शिव जी के पंचाक्षर मंत्र का जाप करें। पूजा पूर्ण होने के बाद सभी में प्रसाद वितरीत करें। इस दिन शिव जी और गणेश जी की कृपा पाने के उपाय..
 
विज्ञापन

3 of 4
lord shiva
गणेश जी के सामने घी का दीपक प्रज्वलित करें और गणेश जी के मंत्रो का जाप करें, इस दिन किसी को अपशब्द न कहें और शिव जी के ध्यान में दिन व्यतीत करें प्रदोष काल (संध्या के समय) पंचामृत (दूध, दही, शक्कर, शहद और घी) से शिव जी का अभिषेक करें। उन्हें प्रसाद स्वरुप चावल की खीर अर्पित करें। शिवाष्टक की पाठ करें।
 
विज्ञापन

4 of 4
lord shiva
इस व्रत को करने से बच्चो का स्वास्थ सही रहता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। बुधवार के दिन यह व्रत होने के कारण बुद्धि के देवता गणेश जी की कृपा भी प्राप्त होगी। इस व्रत को करने से सभी दोषों से मुक्ति मिलती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें