शीतला अष्टमी 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
शीतला अष्टमी को क्यों किया जाता है बासी भोजन
शीतला अष्टमी पर माता शीतला को मुख्य रूप से दही, राबड़ी, चावल, हलवा, पूरी, गुलगुले का भोग लगाया जाता है, लेकिन इस भोजन को सप्तमी तिथि की रात में ही बनाकर रख लिया जाता है। अष्टमी तिथि को घर में चूल्हा नहीं जलाया जाता है। माता शीतला को ठंडी चीजों का भोग लगाकर परिवार के सभी सदस्या भी ठंडा भोजन ग्रहण करते हैं, इसके पीछे मान्यता है कि माता शीतला को ठंडा भोजन और शीतल जल प्रिय है।शीतला अष्टमी पर शीतल जल से ही स्नान किया जाता है। शीतला अष्टमी पर बासी खाना खाने के पीछे यह तर्क भी है कि इस दिन के बाद से वातावरण में गर्मी बढ़ने लगती है, जिससे इस दिन पर ही बासी भोजन करने के बाद रात का रखा हुआ भोजन करने की मनाही होती है।