भगवान विष्णु
षटतिला एकादशी पूजा विधि
सभी एकादशी की तरह षटतिला एकादशी व्रत के नियम भी दशमी तिथि से ही आरंभ हो जाते हैं, इसलिए दशमी तिथि को दूसरे प्रहर के भोजन के पश्चात कुछ न खाएं, ताकि आपके पेट में अन्न का अंश न रहे।
- एकादशी तिथि को प्रातः जल्दी स्नानादि करके भगवान विष्णु का ध्यान और पूजन करें।
- इस दिन किसी भी प्रकार से अन्न का सेवन वर्जित माना जाता है।
एकादशी के अगले दिन यानि द्वादशी तिथि पर सुबह जल्दी स्नान करें और भोजन बनाकर भगवान विष्णु को भोग लगाएं। उसके बाद किसी जरूरत मंद या फिर ब्राह्मण को भोजन करवाएं, भोजन करवाने के पश्चात दान-दक्षिणा देकर विदा करें। तत्पश्चात स्वयं भोजन ग्रहण करें।