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Shardiya Navratri 2020: इस नवरात्रि जरूर करें इसका पाठ, माता रानी करेंगी सारी मुरादें पूरी

Fri, 16 Oct 2020 07:01 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
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शारदीय नवरात्रि 2020: इस दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। - फोटो : navratri 2020
Shardiya Navratri 2020: शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व 17 अक्तूबर शनिवार से प्रारंभ हो रहा है जो 25 अक्तूबर तक चलेंगे। नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना की जाती है। नवरात्र के समय मां के भक्त नौ दिनों तक उपवास करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से माता का आशीर्वाद मिलता है और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। नवरात्र के समय दुर्गा सप्तशती का पाठ करना भी बेहद लाभकारी होता है। इसके साथ ही इस नवरात्रि माता रानी से जुड़े उपाय जरूर करें। ऐसा करने से आपको अनेकों लाभ की प्राप्ति होगी।
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नवरात्र में सप्तशती का पाठ सुनना या श्रवण करना सभी गृहस्थों के लिए वरदान की तरह है - फोटो : सोशल मीडिया
नवरात्र में सप्तशती का पाठ सुनना या श्रवण करना सभी गृहस्थों के लिए वरदान की तरह है क्योंकि, इनकी कोई न कोई परेशानी हमेशा पीछा करती रहती है। जो लोग सब कुछ होते हुए भी परिवार में तनाव और कलह से परेशान हैं, जो हमेशा शत्रुओं से दबे रहते हैं, मुकदमों में हार का भय सताता रहता है या जो प्रेत आत्माओं से परेशान रहते हैं उन्हें मधु और कैटभ जैसे राक्षसों का संहार करने वाली माता महाकाली के दुर्गासप्तशती के प्रथम चरित्र का पाठ करना या सुनना चाहिए।
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महालक्ष्मी माता सभी प्रकार की आर्थिक परेशानियों को दूर करती हैं। - फोटो : Social media
बेरोजगारी की मार से परेशान, कर्ज में आकंठ डूबे हुए जिनके चारों ओर अन्धकार ही दिखाई दे रहा हो, जो श्री हीन हो चुके हों, जिनका कार्य व्यापार बंद हो चुका हो, जिनके जीवन में स्थिरता नहीं हो, जिनका स्वास्थ्य साथ न दे रहा हो, घर की अशांति से परिवार बिखर रहा हो अथवा पूर्णतः भौतिक सुखों से वंचित हो ऐसे प्राणी को माता महालक्ष्मी की आराधना और मध्यम चरित्र का पाठ करना या सुनना चाहिए।

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मां सरस्वती की आराधना से शिक्षा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करते हैं। - फोटो : अमर उजाला
जिनकी बुद्धि मंद पड़ गयी हो, पढाई में मन न लग रहा हो, स्मरणशक्ति कमजोर हो रही हो, सन्निपात की बीमारी से ग्रसित हों, जो शिक्षा-प्रतियोगिता में असफल रहते हों, ज्यादा पढ़ाई करते हो और नंबर कम आते हों अथवा जिनको ब्रह्मज्ञान और तत्व की प्राप्ति करनी हो उन्हें माता सरस्वती की आराधना और उतम चरित्र का पाठ करना चाहिए।
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सप्तशती पाठ-श्रवण से प्राणी सभी कष्टों से मुक्ति पा जाता है। - फोटो : social media
सम्पूर्ण दुर्गा सप्तशती का दशांग या षडांग पाठ संसार के चारों पुरुषार्थ धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष देने वाला है। सप्तशती पाठ-श्रवण से प्राणी सभी कष्टों से मुक्ति पा जाता है। घर में वास्तु दोष हो तो यह पाठ अथवा श्रवण इन दोषों के कुप्रभाव से छुटकारा दिला देता है क्योंकि, वास्तु पुरुष भीमाता का परम भक्त है माता के भक्तों पर ये अपनी कृपा बरसाते हैं।
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