अश्वनि मास की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा कहा जाता है। एक वर्ष में 12 पूर्णिमा होती हैं, परंतु शरद पूर्णिमा का विषेश महत्व माना गया है। इस बार शरद पूर्णिमा 30 अक्तूबर को है। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात्रि में मां लक्ष्मी धरती पर विचरण करती हैं और कहती है "को जाग्रति" जिसका अर्थ होता है कौन जागा है। मान्यता है कि जो भी मनुष्य शरद पूर्णिमा की रात्रि को जागरण करता है, मां लक्ष्मी उससे प्रसन्न होती हैं। इसलिए इस पूर्णिमा का विशेष महत्व माना गया है। इसे कोजागर पूर्णिमा भी कहते हैं, इस रात्रि में मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष प्रावधान है।