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Shani Dev: शनि की साढे़साती और दोषों से बचने के लिए करें ये पांच आसान उपाय

Thu, 03 Jul 2025 04:19 PM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Shani Dev: कुंडली में शनि का स्थान विशेष महत्व रखता है। इसका सीधा प्रभाव व्यक्ति के निजी जीवन पर पड़ता है। यदि कुंडली में शनि की स्थिति कमजोर हो, तो जातक कर्ज, तनाव व सेहत से जुड़ी समस्याएं झेलता है। 
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Shani Sade Sati Upay - फोटो : adobe
Shani Sade Sati Upay: ज्योतिष शास्त्र में शनि को न्यायाधीश का दर्जा प्राप्त है, क्योंकि वह न्याय करते हुए साधक को शुभ-अशुभ फल देते हैं। उन्हें कर्म, न्याय और अनुशासन का कारक ग्रह भी माना गया है। इसलिए कुंडली में शनि का स्थान विशेष महत्व रखता है। इसका सीधा प्रभाव व्यक्ति के निजी जीवन पर पड़ता है।

यदि कुंडली में शनि की स्थिति कमजोर हो, तो जातक कर्ज, तनाव व सेहत से जुड़ी समस्याएं झेलता है। इसके अलावा शिक्षा, करियर, बिजनेस और धन अर्जित करने में भी लगातार संघर्ष करना पड़ता है। इस दौरान शनि की साढ़ेसाती होने पर समय और भी कष्टकारी माना जाता है।

बता दें, शनि की साढ़ेसाती होने पर व्यक्ति आर्थिक, पारिवारिक, मानसिक और शारीरिक दिक्कतों को झेलता है। इसके चलते कार्य को पूरा करने में कठिनाई, असफल यात्राएं और व्यापार में धन हानि जैसी समस्याएं होने लगती हैं। लेकिन आप कुछ खास उपायों की सहायता से शनि की साढ़ेसाती और दोषों के प्रभाव को कम कर सकते हैं। आइए इसके बारे में जानते हैं।
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Shani Sade Sati Upay - फोटो : adobe stock
शनि महाराज की पूजा
शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव से बचने के लिए आप हर शनिवार को शनि महाराज की पूजा करें। इस दौरान जल में काले तिल मिलाकर पीपल के वृक्ष में अर्घ्य दें। इसके बाद शनि चालीसा का पाठ करें। अंत में पेड़ की परिक्रमा करते हुए शनि मंत्रों का उच्चारण करें। इससे शनि महाराज प्रसन्न होते हैं और काम में आ रही बाधाओं को दूर करते हैं।
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Shani Sade Sati Upay - फोटो : freepik
तामसिक भोजन का सेवन न करें
शनिवार के दिन गलती से भी तामसिक भोजन का सेवन न करें। इसके अलावा महिला का अपमान, किसी से लड़ाई व कटु वचन बोलने से बचें। इसके प्रभाव से शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव कम होता है।

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Shani Sade Sati Upay - फोटो : अमर उजाला
करें यह काम
ज्योतिषियों के मुताबिक शनिवार को एक रात पहले भीगे चने की दाल और हल्दी, लोहे का टुकड़ा व जला हुआ कोयला एक काले रंग के वस्त्र में बांध लें। इसके बाद इसको आप शनि मंत्र का स्मरण करते हुए उस जल में प्रवाहित करें। इससे तनाव, कर्ज, रोग और क्लेशों से मुक्ति मिलती हैं।
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Shani Sade Sati Upay - फोटो : अमर उजाला
काली गाय की पूजा 
शनिवार शनिदेव की पूजा के लिए सबसे शुभ दिन है। इसलिए इस दिन काली गाय की विधि-विधान से पूजा करें। गाय के माथे पर तिलक लगाएं। फिर लड्डू खिलाकर गाय की परिक्रमा करें। इससे साढ़ेसाती का प्रभाव कम होता है।
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Shani Sade Sati Upay - फोटो : अमर उजाला
शनिदेव आरती
शनिवार के दिन शनि मंदिर में जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इस दौरान शनि देव की आरती करें। आप चाहें तो आरती यहां से पढ़ सकते हैं। मान्यता है कि आरती से शनिदेव सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

शनि देव की आरती

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।

सूर्य पुत्र प्रभु छाया महतारी॥

जय जय श्री शनि देव....

श्याम अंग वक्र-दृष्टि चतुर्भुजा धारी।

नी लाम्बर धार नाथ गज की असवारी॥

जय जय श्री शनि देव....

क्रीट मुकुट शीश राजित दिपत है लिलारी।

मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी॥

जय जय श्री शनि देव....

मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी।

लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी॥

जय जय श्री शनि देव....

जय जय श्री शनि देव....

देव दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी।

विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी॥

जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी।।

जय जय श्री शनि देव....
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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