फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shani Pradosh Vrat 2021: 8 मई को रखा जाएग शनि प्रदोष व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और उपाय

Tue, 04 May 2021 02:36 PM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
शनि प्रदोष व्रत 2021 - फोटो : Social media
Shani Pradosh Vrat May 2021: वैशाख माह का पहला प्रदोष व्रत 8 मई को रखा जाएगा। शनिवार के दिन पड़ने के कारण यह शनि प्रदोष व्रत होगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह में प्रदोष व्रत दो बार रखा जाता है। यह शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा करने से कष्टों से समस्त प्रकार के दुख दूर होते हैं। वहीं शनि प्रदोष व्रत रखने से शनि की बुरी नजर नहीं पड़ती है। 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
शनि प्रदोष व्रत तिथि शुभ मुहूर्त - फोटो : सोशल मीडिया
शनि प्रदोष व्रत तिथि शुभ मुहूर्त
त्रयोदशी तिथि आरंभ- 08 मई 2021 शाम 05 बजकर 20 मिनट से
त्रयोदशी तिथि समाप्त- 09 मई 2021 शाम 07 बजकर 30 मिनट पर
पूजा समय- 08 मई शाम 07 बजकर रात 09 बजकर 07 मिनट तक
विज्ञापन

3 of 5
शनि प्रदोष व्रत 2021 - फोटो : अमर उजाला
प्रदोष व्रत की पूजा विधि
त्रयोदशी तिथि के दिन सूरज उगने से पहले स्नान करके साफ़ वस्त्र धारण कर लें एवं व्रत का संकल्प करें। शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर अथवा घर पर ही बेलपत्र, अक्षत, दीप, धूप, गंगाजल आदि से भगवान शिव की पूजा करें। शिवजी की कृपा पाने के लिए भगवान शिव के मन्त्र ॐ नमः शिवाय का मन ही मन जप करते रहें। प्रदोष बेला में फिर से भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करने के बाद गंगाजल मिले हुए शुद्ध जल से भगवान का अभिषेक करें। शिवलिंग पर शमी, बेल पत्र, कनेर, धतूरा, चावल, फूल, धूप, दीप, फल, पान, सुपारी आदि अर्पित करें। इसके बाद शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें एवं शिव चालीसा का पाठ करें। तत्पश्चात कपूर प्रज्वलित कर भगवान की आरती कर भूल-चूक की क्षमा मागें।

4 of 5
शनि प्रदोष व्रत 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
प्रदोष व्रत का महत्व
प्रदोष व्रत भगवान शिव के साथ चंद्रदेव से भी जुड़ा है। मान्यता है कि प्रदोष का व्रत सबसे पहले चंद्रदेव ने ही किया था। श्राप के कारण चंद्र देव को क्षय रोग हो गया था। तब उन्होंने हर माह में आने वाली त्रयोदशी तिथि पर भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत रखना आरंभ किया जिसके शुभ प्रभाव से चंद्रदेव को क्षय रोग से मुक्ति मिली थी। प्रदोष व्रत करने वाले साधक पर सदैव भगवान शिव की कृपा बनी रहती है और उसके जीवन से दु:ख-दारिद्रता दूर होती है और कर्ज से मुक्ति मिलती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
शनि प्रदोष व्रत 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए करें ये उपाय
  • शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए शनि प्रदोष के दिन शनि स्त्रोत का पाठ करें। 
  • इस दिन कम से कम शनि मंत्र का एक माला जाप करें। 
  • बूंदी के लड्डू शनि देव को चढ़ाकर काली गाय को खिलाएं। 
  • तेल में चुपड़ी रोटी को काले कुत्ते को खिलाएं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें