फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shani Jayanti 2026: जानें शनि देव की पूजा में किन चीजों का होना माना जाता है शुभ

Sat, 16 May 2026 02:47 AM IST
Shweta Singh ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

शनि जयंती पर शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए विशेष पूजा का महत्व है। जानें शनि पूजा में कौन-सी सामग्री सबसे जरूरी मानी जाती है और किन चीजों के बिना अधूरी रहती है पूजा।
विज्ञापन
1 of 6
shani jayanti - फोटो : amar ujala
Shani Jayanti Puja Samagri: शनि जयंती का दिन भगवान शनि की आराधना और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पावन अवसर पर विधि-विधान से पूजा करने और शनिदेव को प्रिय वस्तुएं अर्पित करने से जीवन के कष्ट कम होते हैं तथा नकारात्मक प्रभावों से राहत मिलती है। विशेष रूप से जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष का प्रभाव है, उनके लिए यह दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में यदि आप भी शनि जयंती पर शनिदेव की पूजा करने की तैयारी कर रहे हैं, तो पूजा से पहले जरूरी सामग्री की सूची जान लेना बेहद आवश्यक है, ताकि आपकी पूजा पूर्ण और फलदायी हो सके।
Jupiter Transit: जून में बृहस्पति बदलेंगे चाल, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
Shani Jayanti 2026: शनि जयंती पर बनेगा बुधादित्य योग, इन राशियों को मिलेगी सफलता और होगा लाभ
विज्ञापन

2 of 6
सरसों का तेल सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है - फोटो : AdobeStock
सरसों का तेल सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है
शनि पूजा में सरसों के तेल का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित करने से शनि दोष के प्रभाव कम होते हैं और जीवन में आ रही बाधाएं धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं। कई श्रद्धालु इस दिन शनि मंदिर में या पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक भी जलाते हैं, जिसे बेहद शुभ माना जाता है।
विज्ञापन

3 of 6
पूजा की थाली में ये सामग्री अवश्य रखें - फोटो : adobe
पूजा की थाली में ये सामग्री अवश्य रखें
शनि जयंती की पूजा करते समय कुछ विशेष वस्तुओं को पूजा थाली में शामिल करना शुभ माना जाता है, जैसे-काले तिल, काली उड़द, काला वस्त्र, शमी के पत्ते, नीले या काले पुष्प, लोहे की कोई छोटी वस्तु, चंदन, धूप, कपूर, अगरबत्ती और अक्षत। मान्यता है कि ये वस्तुएं शनिदेव को प्रिय हैं।

4 of 6
चौमुखा दीपक जलाने की परंपरा - फोटो : adobe stock
चौमुखा दीपक जलाने की परंपरा
शनि जयंती पर आटे से बना चौमुखा दीपक जलाने की परंपरा भी बहुत पुरानी है। इसमें सरसों का तेल डालकर चारों दिशाओं में बाती लगाई जाती है। कहा जाता है कि ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और शनि की कृपा प्राप्त होती है। यदि यह दीपक पीपल के पेड़ के नीचे जलाया जाए तो इसका महत्व और बढ़ जाता है।
विज्ञापन

5 of 6
शनिदेव को क्या भोग लगाएं - फोटो : Adobe Stock
शनिदेव को क्या भोग लगाएं
पूजा के दौरान शनिदेव को काले रंग से जुड़ी वस्तुएं अर्पित करना शुभ माना जाता है। आप काले चने, गुड़, काली उड़द से बनी खिचड़ी, जामुन, काले अंगूर, हलवा-पूरी या काला नारियल का भोग लगा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
दान का भी है विशेष महत्व - फोटो : adobe stock
दान का भी है विशेष महत्व
शनि जयंती पर दान-पुण्य को अत्यंत फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इस दिन जरूरतमंदों को काला कंबल, काले वस्त्र, काले जूते, काली छतरी, उड़द दाल या सरसों का तेल दान करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और जीवन में शुभ फल प्रदान करते हैं।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें