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शनि जयंती पर तेल चढ़ाते समय न करें ये गलतियां, वरना रुष्ट हो सकते हैं शनिदेव

Tue, 12 May 2026 06:08 AM IST
Shweta Singh ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Shani Dev Par Tel Chadhaane ke Niyam: शनि जयंती के दिन शनि देव को सही विधि से तेल अर्पित करना और शनि से जुड़ी वस्तुओं का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। जानें तेल चढ़ाने की सही विधि और शनि कृपा पाने के उपाय।

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Shani Jayanti 2026 - फोटो : अमर उजाला

Shani Jayanti Puja Niyam: शनि देव की कृपा प्राप्त करने और जीवन में चल रही परेशानियों से राहत पाने के लिए शनि जयंती का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और शनि देव को तेल अर्पित करने का विशेष महत्व होता है। इस बार शनि जयंती शनिवार के दिन पड़ रही है, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से और भी अधिक शुभ माना जा रहा है। ऐसा संयोग बहुत ही खास फल देने वाला होता है और मान्यता है कि इस दिन की गई पूजा और दान का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। सही विधि से तेल चढ़ाने और शनि से जुड़े दान करने पर शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है, जिससे जीवन की बाधाएं कम होने लगती हैं।
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शनि देव पर तेल चढ़ाने की सही विधि - फोटो : adobe stock

शनि देव पर तेल चढ़ाने की सही विधि

  • शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव से राहत पाने के लिए शनि देव को तेल चढ़ाना और शनि मंत्रों का जाप करना लाभकारी माना जाता है।
  • इसके साथ ही शनि से संबंधित वस्तुओं का दान भी शुभ फल देने वाला माना जाता है।
  • इन सभी उपायों का पूरा लाभ पाने के लिए सही विधि का पालन करना जरूरी होता है।

 

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तेल चढ़ाते समय ध्यान रखने योग्य बातें - फोटो : adobe stock

तेल चढ़ाते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  • शनि देव को तेल कभी भी सिर से अर्पित नहीं करना चाहिए।
  • शनि देव के सामने सीधे खड़े होने से बचना चाहिए।
  • उनकी मूर्ति या प्रतिमा की आंखों में सीधे देखने से परहेज करना चाहिए।
  • तेल हमेशा शनि देव के चरणों में ही अर्पित करें।
  • सबसे पहले पैर के अंगूठे पर तेल लगाएं और फिर धीरे-धीरे पूरे पैर पर तेल चढ़ाएं।

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शनि देव का मंत्र और तेल - फोटो : अमर उजाला

शनि देव का मंत्र और तेल

  • शनि देव को तेल अर्पित करते समय निम्न मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है।
  • ॐ शं शनैश्चराय नमः।
  • ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।
  • शनि देव को हमेशा सरसों का तेल या तिल का तेल ही अर्पित करना चाहिए।
  • मंत्र जाप करते समय मन शांत और श्रद्धा पूर्ण होना चाहिए।
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तेल दान करने की विधि - फोटो : अमर उजाला AI

तेल दान करने की विधि

  • तेल दान का सबसे शुभ समय सूर्यास्त के बाद माना जाता है।
  • शाम 8 बजे तक का समय तेल दान के लिए उत्तम होता है।
  • सरसों का तेल या तिल का तेल ही दान करें।
  • तेल के साथ काले तिल, काले उड़द और काले वस्त्र का दान करना भी शुभ माना जाता है।
  • तेल दान से पहले कांसे या लोहे के पात्र में तेल लेकर उसमें अपना चेहरा देखें।
  • इसके बाद उसी पात्र सहित तेल का दान करें।
  • इस विधि से किए गए उपाय शनि दोष के प्रभाव को कम करने में सहायक माने जाते हैं।
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शनि जयंती - फोटो : AI generated
शनि जयंती कब है?

शनि जयंती हर वर्ष ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर मनाई जाती है। पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में ज्येष्ठ अमावस्या 16 मई की सुबह 5 बजकर 11 मिनट से शुरू होकर 17 मई की रात 1 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार इस बार शनि जयंती 16 मई 2026, शनिवार के दिन मनाई जाएगी। इस दिन का विशेष संयोग इसे और भी अधिक शुभ और फलदायी बना देता है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।   
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