दक्षिण दिशा में जलाएं दीपक
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दक्षिण दिशा में जलाएं दीपक
धार्मिक परंपरा में दक्षिण दिशा को पितरों की दिशा माना गया है। सर्वपितृ अमावस्या की शाम घर के मुख्य द्वार के पास सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाकर उसे दक्षिण दिशा की ओर रखा जा सकता है। दीपक जलाते समय पितरों का स्मरण करें और उनसे परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना करें। साथ ही, जाने-अनजाने हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगने की भी परंपरा है।
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