आज सावन का पहला सोमवार है यह पूरा माह भोलेनाथ को विशेष रुप से पंसद होता है। आज हम आपको एक ऐसे ज्योतिर्लिंग के बारे में बताने में जा रहे हैं, जिसका निर्माण चंद्रदेव ने एक शाप से मुक्त होने पर करवाया था।
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भारत में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग स्थापित है उनमें से सोमनाथ को पहला ज्योतिर्लिंग के रूप में जाना जाता है। गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित इस मंदिर का निर्माण स्वंय चन्द्रदेव ने करवाया था।
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पौराणिक कथा के अनुसार सोम यानि चंद्रदेव ने दक्ष प्रजापति की 27 कन्याओं से विवाह किया था, लेकिन उनमें से रोहिणी नाम की अपनी पत्नी से वह अधिक प्रेम और सम्मान करते थे।
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जब बाकी 26 पत्नियों ने इसकी शिकायत अपने पिता राजा दक्ष प्रजापति से की। तब इस अन्याय को देखकर गुस्से में आकर दक्ष ने चंद्रदेव को शाप दे दिया कि अब से हर दिन तुम्हारा तेज क्षीण होता रहेगा।
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lord shiva symbol image
इस श्राप के चलते हर दूसरे दिन चंद्र का तेज घटने लगा। इससे परेशान और दुखी सोम मे भगवान शिव की आराधना शुरू कर दी। तब शिवजी प्रसन्न होकर चंद्र को श्राप से मुक्ति किया फिर यही पर सोमदेव ने भगवान शिव की स्थापना की।
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इस मंदिर को अब तक 17 बार नष्ट किया गया और बार इसका पुनर्निर्माण किया गया। महमूद गजनवी ने सन 1024 में 5000 साथियों के साथ सोमनाथ मंदिर पर हमला किया। इस मंदिर की सम्पत्ति लूटी और नष्ट कर दिया और वहां पर मौजूद 50000 भक्तों का कत्ल कर दिया।
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यहां गोमती नदी है। इसके स्नान का विशेष महत्व बताया गया है। इस नदी का जल सूर्योदय पर बढ़ता जाता है और सूर्यास्त पर घटता जाता है, जो सुबह सूरज निकलने से पहले मात्र एक-डेढ़ फीट ही रह जाता है।
लोककथाओं के अनुसार यहीं श्रीकृष्ण ने देहत्याग किया था। इस कारण इस क्षेत्र का और भी महत्व बढ़ गया।सी मान्यता है कि श्रीकृष्ण भालुका तीर्थ पर विश्राम कर रहे थे। तब एक शिकारी ने उनके पैर के तलुए में पद्मचिन्ह को हिरण की आंख जानकर धोखे में तीर मारा था जिस कारण कृष्ण ने देह त्यागा था।