Kanwar Yatra History: जानिए सबसे पहला कांवडिया कौन था
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रावण को भी माना जाता है पहला कांवड़िया
कांवड़ यात्रा को लेकर एक और मान्यता प्रचलित है, जिसके अनुसार रावण को पहला कांवड़िया माना जाता है। मान्यतानुसार कांवड़ की परंपरा समुद्र मंथन के समय ही पड़ गई। तब जब मंथन में विष निकला तो संसार इससे त्राहि-त्राहि करने लगा। तब भगवान शिव ने इसे अपने गले में रख लिया, लेकिन इससे शिव के अंदर जो नकारात्मक उर्जा ने जगह बनाई, उसको दूर करने का काम रावण ने किया। रावण ने तप करने के बाद गंगा के जल से पुरा महादेव मंदिर में भगवान शिव का अभिषेक किया, जिससे शिव इस उर्जा से मुक्त हो गए।