Sawan 2022: जल्द ही सावन का पवित्र महीना आरंभ होने जा रहा है। सावन का महीना भोलेनाथ का प्रिय महीना होता है। भगवान शिव के पूजन में बेलपत्र का विशेष महत्व है। शिवलिंग पर एक लोटा जल और बेलपत्र अर्पित करने से भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होकर अपने भक्तों की मनोकामनाओं को पूरी करते हैं। मान्यता है कि शिव की उपासना बिना बेलपत्र के बिना पूर्ण नहीं होती। बेल वृक्ष की उत्पत्ति के संबंध में 'स्कंदपुराण'में एक कथा है कि एक बार देवी पार्वती ने अपने ललाट से पसीना पौंछकर फेंका, जिसकी कुछ बूंदें मंदार पर्वत पर गिरीं, जिससे बेल वृक्ष की उत्पत्ति हुई। इस वृक्ष की जड़ों में गिरिजा,तना में महेश्वरी, शाखाओं में दक्षयायनी,पत्तियों में पार्वती और फूलों में गौरी का वास माना गया है।