Hanuman Chalisa Path Niyam: मंगलवार का दिन संकटमोचन हनुमान जी को समर्पित है। यह दिन हनुमान जी के भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। ऐसी मान्यता है कि, कलियुग में एक मात्र हनुमान जी ही जीवित देवता हैं। कहते हैं हनुमान जी की कृपा से ही तुलसीदास जी को भगवान राम के दर्शन हुए थे। हनुमान जी के बारे में यह भी कहा जाता है कि जहां कहीं भी रामकथा होती है हनुमान जी वहां किसी न किसी रूप में जरूर मौजूद रहते हैं। हनुमान जी की महिमा और भक्तहितकारी स्वभाव को देखते हुए तुलसीदास जी ने हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए हनुमान चालीसा लिखा है। इस चालीसा का नियमित पाठ बहुत ही सरल और आसान है। लेकिन सरल होने के बाद भी हनुमान चालीसा का पाठ पूरे नियम से करने चाहिए। हनुमान चालीसा का पाठ करने का भी खास तरीका होता है अन्यथा भक्तों को इसका शुभ फल नहीं मिल पाता। आइए जानते हैं क्या हैं वो नियम।