Rudraksh Mala Pehne Ke Niyam: रुद्राक्ष देखने में भले ही एक साधारण लगे, लेकिन सनातन परंपरा में इसकी आध्यात्मिक महत्ता अत्यंत गहरी मानी गई है। शिव भक्त इसे महादेव के आशीर्वाद का प्रतीक मानकर धारण करते हैं, ताकि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और सुरक्षा बनी रहे। बहुत से लोग रुद्राक्ष को गले में माला या हाथ में ब्रेसलेट के रूप में पहनते हैं, लेकिन इसे धारण करने के कुछ विशेष नियम और विधियां भी बताई गई हैं। यदि इन नियमों का पालन न किया जाए, तो इसका पूर्ण लाभ नहीं मिल पाता।
मान्यता है कि रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के अश्रुओं से हुई है। ‘रुद्राक्ष’ शब्द ‘रुद्र’ (भगवान शिव) और ‘अक्ष’ (आंख) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है शिव के नेत्र या उनके आंसू। यह बीज रुद्राक्ष वृक्ष से प्राप्त होता है और इसे दुखों को दूर कर सुख-समृद्धि देने वाला माना जाता है।