इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार नौंवा महीना रमजान का होता है। यह महीना बहुत ही पाक माना जाता है क्योंकि इबादत का महीना होता है। इस्लामिक कैलेंडर में चांद की तारीख के अनुसार त्योहारों की तारीख तय की जाती है। यही कारण है कि रमजान का महीना हर साल अलग-अलग तारीखों से शुरू होता है। इस पूरे महीने में लोग सुबह को जल्दी सहरी खाते हैं और नमाज अदा करके पूरे दिन बिना पानी पिए रोज़ा रखते हैं और शाम को नमाज़ अदा करने के बाद ही रोज़ा इफ्तार करते हैं। जानते हैं रमज़ान के महीने से जुड़ी अहम बातें।
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रमजान 2021
- फोटो : file photo
चांद का दीदार
रमज़ान महीने की शुरुआत चांद के दीदार से होती है। जानकरों के मुताबिक इस बार 13 अप्रैल, 2021 से रमजान का पाक महीना शुरू हो जाएगा और फज्र की नमाज (सुबह की नमाज़) अदा करने के साथ ही पहला रोजा रखा जाएगा। चांद का दीदार करने के साथ ही 13 मई को ईद मनाई जाएगी। जिसके साथ यह पाक महीना पूरा हो जाएगा।
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रमजान 2021
सबसे छोटा और सबसे बड़ा रोज़ा
पहला रोजा 14 घंटे 8 मिनट का होगा। जिसे सबसे छोटा रोजा कहा जाता है। इसी तरह से सबसे आखिरी रोजा 14 घंटे 52 मिनट का होगा वह सबसे बड़ा कहलाएगा।
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रमजान 2021
क्या होती है जकात
हर धर्म की तरह इस्लाम में भी दान करना जरूरी फ़रमाया गया है। इस्लाम धर्म के मुताबिक सालभर की कमाई का ढाई प्रतिशत हिस्सा दान जरूरी होता है। जिसे जकात कहा जाता है। जकात के पैसे किसी जरूरतमंद, असहाय या गरीब व्यक्ति को ही दी जाती है ताकि उस पैसे का सही तरह से इस्तेमाल हो सके।
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रमजान 2021
इन्हें हैं रोजा रखने में छूट
रमजान के महीने में हर मुसलमान को रोजा रखना चाहिए लेकिन कुछ हालातों में रोजा रखने में छूट रहती है। जो व्यक्ति बीमार हो और रोज़ा रखने से उसकी सेहत को नुक़सान हो सकता है, उसे रोजा नहीं रखने से छूट रहती है। गर्भवती महिला या जो मां अपने बच्चे को स्तनपान करवाती हो उन्हें भी रोज़ा रखने से छूट रहती है। इसके अलावा छोटे बच्चे और बुजुर्ग लोग अपनी सहूलियत के मुताबिक रोजा रख सकते हैं।
रमजान का महीना अल्लाह की इबादत का होता है। इस दौरान गीबत (बुराई) करने, झूठ, फरेब, लालच, आदि से दूर रहना चाहिए। हर रोज़ा रखने वाले को और जो रोजा न भी रख पाए, इन सब बातों का ख्याल जरूर रखना चाहिए।