रमा एकादशी का महत्व
धार्मिक मान्यता है कि रमा एकादशी भगवान विष्णु की पत्नी लक्ष्मी जी के नाम पर है। जिन्हें रमा भी कहते हैं। इस पावन एकादशी के बारे में मान्यता है कि इस दिन उपवास रखने वाले पर भगवान विष्णु की कृपा बरसती है और उसे सभी सुखों की प्राप्ति होती है और वह सभी पापों से मुक्त होते हुए अंत में मोक्ष को प्राप्त करता है।
कैसे करें एकादशी का व्रत
एकादशी का व्रत करने के लिए हमारे ऋषियों ने पांच ज्ञानेंद्रियां, पांच कर्मेंद्रियां और एक मन, इन ग्यारह को नियंत्रण में रखकर, ईश्वर स्मरण करते हुए एकादशी का व्रत करना चाहिए। इस उपवास को करने वाले व्यक्ति को प्रात:काल स्नान-ध्यान के पश्चात् भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और तुलसी जी की विशेष रूप से पूजा करनी चाहिए।
तिथि और समय
एकादशी तिथि आरंभ-11 नवंबर 2020 सुबह 03:22 मिनट से
एकादशी तिथि समाप्त- 12 नवंबर 2020 रात 12:40 तक
एकादशी व्रत पारण तिथि- 12 नवंबर सुबह 06:42 से 08:51 तक
द्वादशी तिथि समाप्त-रात 09:30 तक