Ram Navami 2026
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काम, क्रोध, मद, लोभ, सब, नाथ नरक के पंथ।
सब परिहरि रघुबीरहि, भजहुँ भजहिं जेहि संत।
विभीषण रावण को पाप के मार्ग पर आगे बढ़ने से रोकने की सलाह देते हैं। वे समझाते हैं कि काम, क्रोध, अहंकार और लोभ जैसे दुर्गुण नरक की ओर ले जाते हैं। इसी प्रकार, वे सलाह देते हैं कि जिस तरह संतजन सब कुछ त्यागकर प्रभु के नाम का जाप करते हैं, उसी तरह तुम्हें भी श्रीराम की शरण में चले जाना चाहिए। क्योंकि श्रीराम का नाम ही वह शक्ति है जो जीवन की रक्षा करती है और मुक्ति की ओर ले जाती है।