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Ram Navami 2020: जानिए भगवान राम की जन्म भूमि अयोध्या के बारे में, जहां पर बनेगा भव्य राम मंदिर

Thu, 02 Apr 2020 08:21 AM IST
योगेश जोशी धर्म डेस्क, अमर उजाला
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ram navami 2020
2 अप्रैल, गुरुवार को रामनवमी का पावन पर्व मनाया जाएगा। रामनवमी को भगवान श्री राम जी के जन्मोत्सव के रुप में मनाया जाता है। हर साल चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। भगवान राम का जन्म अयोध्या की पावन भूमि में हुआ था। आज हम आपको यहां के बारें में सारी जानकारी देने जा रहे हैं।
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ram navami 2020
अयोध्या नगरी का धार्मिक महत्त्व
  • स्कंद पुराण में अयोध्या को ब्रह्मा, विष्णु तथा शंकर तीनों की ही पवित्र स्थली कहा गया है। पुराणों के अनुसार अयोध्या नगरी भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र पर बसी है। महाकवि महर्षि वाल्मीकि ने भी महाकाव्य रामायण में अयोध्या को सरयू नदी के तट पर बसी पवित्र नगरी बताया है। अयोध्या देश के सभी पवित्र शहरों में से एक है। अथर्ववेद में अयोध्या शहर को देवताओं का स्वर्ग माना जाता है।
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हैप्पी राम नवमी
श्री राम का नाम लेकर अयोध्या नगरी को बसाया था
  • धार्मिक दृष्टि सेे एक कथा प्रचलित है कि अयोध्या के महाराज विक्रमादित्य भम्रण करते हुए संयोगवश सरयू नदी के किनारे पहुंचे थे तब महाराज विक्रमादित्य को अयोध्या की भूमि में कुछ चमत्कार दिखाई पड़ा और आस-पास के योगी संतो ने उनको बताया कि कि यह श्री अवध भूमि है तभी महाराज ने यहां मंदिर, सरोवर, कूप इत्यादि बनवाए। कहा जाता है कि मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम जी के साथ अयोध्या के कीट पतंगे तक उनके दिव्य धाम में चले आए थे जिस वजह से अयोध्या नगरी त्रेता युग में ही उजड़ गई थी तब श्रीराम पुत्र कुश ने ही श्री राम का नाम लेकर अयोध्या नगरी को बसाया था। 

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ram navami 2020
प्राचीन सांस्कृतिक सप्तपुरियो में अयोध्या का प्रथम स्थान है
  • कहा जाता है कि अयोध्या नगरी में बना एक सीता कुंड है, जिसमें स्नान करने से मनुष्य के सभी पापों का नाश हो जाता है और जो व्यक्ति अयोध्या में स्नान, जप, तप, हवन, दान, दर्शन, ध्यान आदि करता है वह सब पुण्यों का भागीदार होता है। भारत की सभी प्राचीन सांस्कृतिक सप्तपुरियो में अयोध्या का प्रथम स्थान है और श्रीरामचंद्र जी की अवताय भूमि होने के बाद अयोध्या को साकेत नगरी भी कहा जाता है।

 
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हैप्पी राम नवमी
अयोध्या के प्रमुख मंदिर:
अयोध्या नगरी को पवित्र नगरी इसलिए भी कहा जाता है क्योंकि यहां धार्मिक रुप से कई ऐसे मंदिर है जो इस नगर की शोभा को बढ़ाए हुए हैं।
  • हनुमानगढ़ी मंदिर में स्थित हनुमान जी अपने भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
  • जैन मंदिर जैन धर्म के अनुयायियों की आस्था का प्रतीक है।
  • कनक भवन माता सीता और श्री राम के सोने के मुकुट वाली प्रतिमाओं के लिए लोकप्रिय है।
  • राघवजी का मन्दिर अयोध्या नगर में स्थित भगवान श्री राम जी का बहुत ही प्राचीन मंदिर है जहां भक्तगण सरयू जी में स्नान करने के बाद  दर्शन के लिए आते हैं।
  • नागेश्वर नाथ मंदिर विक्रमादित्य के काल के पहले से अयोध्या में है। कहा जाता है कि अयोध्या में यही एकमात्र मंदिर है जहां शिवरात्रि का पर्व बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है।
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