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Rakshabandhan 2022: भाई को राखी बांधने से पहले बहनें क्यों लगाती हैं कुमकुम और चावल का टीका? जानिए इसका महत्व

Tue, 09 Aug 2022 08:08 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भाई को राखी बांधने से पहले बहनें क्यों लगाती हैं कुमकुम और चावल का टीका - फोटो : iStock
Rakshabandhan 2022: रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम का त्योहार है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनके सुखी जीवन की कामना करती हैं। इस साल रक्षाबंधन का त्योहार गुरुवार 11 अगस्त 2022 को मनाया जाएगा। श्रावण शुक्ल की पूर्णिमा तिथि 11 अगस्त को सुबह 10 बजकर 36 मिनट से शुरू होकर 12 अगस्त को सुबह 08 बजकर 05 मिनट तक चलेगी। 11 अगस्त को भद्रा काल होने की वजह से इस राखी बांधने को लेकर शंसय है। ऐसे में 12 अगस्त को सुबह 08 से पहले तक बहनें भाई को राखी बांध सकती हैं। राखी बांधते समय बहनें भाई का तिलक करती हैं और आरती उतारती हैं। हिंदू धर्म में रक्षाबंधन के दिन कुमकुम का टीका और चावल लगाने की मान्यता है। आखिर रक्षाबंधन के दिन कुमकुम का टीका और चावल क्यों लगाते हैं? आइए जानते हैं... 
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भाई को राखी बांधने से पहले बहनें क्यों लगाती हैं कुमकुम और चावल का टीका - फोटो : iStock
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बहन अपने भाई के माथे पर तिलक लगाती हैं। हिंदू धर्म में पौराणिक समय से ही श्वेत चंदन, लाल चंदन, कुमकुम, भस्म आदि से तिलक लगाना शुभ माना जाता है। यही वजह है कि रक्षाबंधन के दिन कुमकुम से तिलक किया जाता है। इस दिन कुमकुम के तिलक के साथ चावल का प्रयोग भी किया जाता है। 
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भाई को राखी बांधने से पहले बहनें क्यों लगाती हैं कुमकुम और चावल का टीका - फोटो : iStock
दरअसल, तिलक विजय, पराक्रम, सम्मान, श्रेष्ठता और वर्चस्व का प्रतीक माना जाता है। ये मस्तक के बीच में लगाया जाता है। ये स्थान छठी इंद्री का है। मस्तक के बीच में तिलक लगाने के पीछे वैज्ञानिक कारण भी है। वैज्ञानिक मान्यता के अनुसार, मस्तक के इस स्थान पर तिलक के माध्यम से दबाव बनाया जाए तो स्मरण शक्ति, निर्णय लेने की क्षमता, बौद्धिकता, तार्किकता, साहस और बल में वृद्धि होती है। 

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भाई को राखी बांधने से पहले बहनें क्यों लगाती हैं कुमकुम और चावल का टीका - फोटो : iStock
वहीं तिलक के साथ चावल इसलिए लगाते हैं, क्योंकि चावल लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कच्चे चावल का इस्तेमाल पूजा में भी किया जाता है। धर्म शास्त्रों के मुताबिक, चावल को हविष्य यानी हवन में देवताओं को चढ़ाया जाने वाला शुद्ध अन्न माना जाता है। 
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भाई को राखी बांधने से पहले बहनें क्यों लगाती हैं कुमकुम और चावल का टीका - फोटो : iStock
मान्यता है कि कच्चे चावल का तिलक में प्रयोग सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला होता है। रक्षाबंधन के दिन चावल से तिलक करने से भाई को सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही नकारात्मक ऊर्जा सकारात्मक ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है।
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