सावन के आखिरी दिन पड़ने वाली पूर्णिमा को श्रावणी पूर्णिमा कहा जाता है। इसी दिन रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन भी दान, पुण्य करने का बहुत महत्व होता है। इस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधने के अलावा ब्राहमणों, गुरुओं और परिवार में छोटी लड़कियों द्वारा संबंधियों को भी रक्षासूत्र बांधा जाता है। इस दिन पुत्री अपने पिता को भी रक्षासूत्र बांध सकती है। इस दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं के साथ होता है। इसलिए चंद्रदोष निवारण के लिए भी यह दिन उत्तम रहता है। मूल्यतः 27 नक्षत्र माने गए हैं यह नक्षत्र दिन तिथि की गति के अनुसार बदलते हैं श्रावणी अमावस्या के दिन चंद्रमा श्रावण नक्षत्र में होता है। यह दिन कई कार्यों के लिए उत्तम माना गया है।