राध्ााकृष्ण
उस समय श्री राधा घर में अपनी छाया को स्थापित करके स्वयं अंतर्धयान हो गईं।उस छाया के साथ ही उक्त 'रायाण' का विवाह हुआ । शास्त्रों के अनुसार ब्रह्माजी ने पुण्यमय वृन्दावन में श्री कृष्ण के साथ साक्षात राधा का विधिपूर्वक विवाह संपन्न कराया था । कृष्ण भी पूजते हैं राधा को कथाओं में हर जगह कृष्ण के साथ राधा का ज़िक्र होता है। माना जाता है की राधा के बिना कृष्ण अधूरे है। धार्मिक पुराणों के अनुसार राधा और कृष्ण की पूजा का ही विधान है।
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