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Putrada Ekadashi 2025: पुत्रदा एकादशी आज, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, पारण का समय और महत्व

Tue, 05 Aug 2025 07:09 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Putrada Ekadashi Shubh MUhuratहर साल दो बार पुत्रदा एकादशी आती है , पहली श्रावण मास में और दूसरी पौष मास में, लेकिन सावन में पड़ने वाली पुत्रदा एकादशी का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं इस वर्ष पुत्रदा एकादशी की तिथि, शुभ मुहूर्त, धार्मिक महत्व। 
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Sawan Putrada Ekadashi 2025 - फोटो : Amar Ujala
Putrada Ekadashi: आज पुत्रदा एकादशी है। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व होता है, विशेषकर जब वह श्रावण मास जैसे पवित्र महीने में आती है। हर माह दो बार पड़ने वाली एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है, लेकिन श्रावण शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे पुत्रदा एकादशी कहा जाता है, उसका स्थान सबसे विशिष्ट माना जाता है। इस दिन व्रत और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष फल मिलता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से उपवास रखने और भगवान के चरणों में भक्ति भाव अर्पित करने से संतान की प्राप्ति, संतान की सुख-समृद्धि, और सभी दुखों से मुक्ति का मार्ग खुलता है। यही नहीं, इस दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ भगवान शिव की आराधना भी की जाती है, जिससे यह व्रत और भी प्रभावशाली बन जाता है।
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हर साल दो बार पुत्रदा एकादशी आती है ,  पहली श्रावण मास में और दूसरी पौष मास में, लेकिन सावन में पड़ने वाली पुत्रदा एकादशी, जिसे पवित्रोपना एकादशी भी कहा जाता है, का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं इस वर्ष पुत्रदा एकादशी का शुभ मुहूर्त, धार्मिक महत्व और व्रत के पारण का सही समय, ताकि आप भी इस पावन व्रत से पूर्ण फल प्राप्त कर सकें।
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पुत्रदा एकादशी - फोटो : amar ujala
सावन पुत्रदा एकादशी तिथि
श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि आरंभ - 04 अगस्त 2025 , प्रातः  11:41 से 
श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि समाप्त - 05 अगस्त 2025, दोपहर 01:12 पर 
उदयातिथि के अनुसार सावन पुत्रदा एकादशी 5 अगस्त 2025 को मानी  जाएगी। 
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पुत्रदा एकादशी - फोटो : adobe
सावन पुत्रदा एकादशी 2025 मुहूर्त 
पूजन का ब्रह्म मुहूर्त - प्रातः 04:20 से प्रातः 05:02 बजे तक
रवि योग - प्रातः 05:45 से प्रातः11:23 बजे तक 
अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक 
सायंकाल पूजन मुहूर्त - सायं 07:09 बजे से सायं 07:30 बजे तक
 

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पुत्रदा एकादशी - फोटो : adobe stock
श्रावण पुत्रदा एकादशी पारण का समय 
सावन पुत्रदा एकादशी के अगले दिन यानी 6 अगस्त को प्रातः  5 : 45 मिनट से 8 : 26 मिनट तक व्रत का पारण कर सकते हैं। पारण के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय दोपहर 02:08 मिनट पर है।
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पुत्रदा एकादशी - फोटो : adobe
पुत्रदा एकादशी का महत्व 

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष स्थान है, और जब बात पुत्रदा एकादशी की हो, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। इस व्रत को हर साल दो बार रखा जाता है। पहली बार श्रावण मास में और दूसरी बार पौष मास में। श्रावण महीने में पड़ने वाली पुत्रदा एकादशी का आयोजन इस वर्ष अगस्त में होगा, जबकि पौष मास की पुत्रदा एकादशी दिसंबर या जनवरी में पड़ सकती है।
श्रावण की पुत्रदा एकादशी को पवित्रोपना एकादशी भी कहा जाता है और इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। इसके साथ ही इस एकादशी पर भगवान शिव की आराधना करने से भी विशेष पुण्य प्राप्त होता है। मान्यता है कि जो श्रद्धालु इस दिन पूरी श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत रखते हैं, उन्हें संतान सुख की प्राप्ति, पारिवारिक खुशियाँ और जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है। यह व्रत विशेष रूप से उन दंपतियों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है जो संतान प्राप्ति की कामना रखते हैं।
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पुत्रदा एकादशी - फोटो : adobe stock
पुत्रदा एकादशी पर करें इन मंत्रों का जाप

श्री विष्णु मंत्र 
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ||

क्लेश नाशक श्री विष्णु मंत्र 
कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने ।
प्रणत क्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः |

विष्णु गायत्री मंत्र
नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि । तन्नो विष्णुः प्रचोदयात् ॥



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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