शक्ति रहते हुए भी गौण अर्थात सामान्य उपचारों से भगवान की सेवा-पूजा करना।
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21. दूसरों की स्तुति करना।
22. अश्लील शब्द बोलना।
23. अधोवायु का त्याग करना।
24. शक्ति रहते हुए भी गौण अर्थात सामान्य उपचारों से भगवान की सेवा-पूजा करना।
25. श्री भगवान को निवेदित किए बिना किसी भी वस्तु का खाना-पीना।
26. ऋतु फल खाने से पहले श्री भगवान को न चढ़ाना।
27. किसी शाक या फलादि के अगले भाग को तोड़कर भगवान के व्यंजनादि के लिए देना।
28. श्री भगवान के श्रीविग्रह को पीठ देकर बैठना।
29. श्री भगवान के श्रीविग्रह के सामने दूसरे किसी को भी प्रणाम करना।
30. गुरुदेव की अभ्यर्थना, कुशल-प्रश्न और उनका स्तवन न करना।
31. अपने मुख से अपनी प्रशंसा करना।
32. किसी भी देवता की निंदा करना।
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