कब है गुरु प्रदोष व्रत?
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ऐसे करें पूजा
गुरु प्रदोष व्रत में शिवलिंग पर जल, दूध या पंचामृत से अभिषेक करना, बेलपत्र, धतूरा और सफेद फूल अर्पित करना विशेष फलदायक माना गया है। साथ ही, प्रदोष व्रत कथा का श्रवण कर व्रत को पूर्ण किया जाता है। माना जाता है कि यह व्रत हर प्रकार की बाधा और संकट से रक्षा करता है। तो इस 10 अप्रैल को महादेव को प्रसन्न करने के लिए पूरे विधि विधान से ही पूजा करें।
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