फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pongal 2021: चार दिनों तक चलता है पोंगल पर्व, जानिए किस दिन क्या

Tue, 12 Jan 2021 12:45 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
Happy Pongal - फोटो : Amar Ujala
सूर्य के उत्तरायण होने पर दक्षिण भारत में पोंगल का त्योहार बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन तमिल नववर्ष का आरंभ भी होता है। पोंगल का पर्व प्रकृति और कृषि से जुड़ा हुआ है। दक्षिण भारत में धान की फसल कांटने के बाद लोग अपनी प्रसन्नता प्रकट करने के लिए पोंगल का त्योहार मनाते हैं। इस दिन लोग समृद्धि लाने के लिए वर्षा, धूप, सूर्य, इन्द्रदेव और खेतिहर पशुओं की पूजा-आराधना की जाती है। यह उत्सव पूरे चार दिनों तक चलता है। तो चलिए जानते हैं कि किस दिन क्या किया जाता है।
विज्ञापन

2 of 5
Happy Pongal - फोटो : Amar Ujala
पोंगल के पहले दिन पूरे घर की साफ-सफाई की जाती है, सफाई करने के बाद घर से जो पुराना सामान निकलता है, उसकी ‘भोगी’ जलाई जाती है, इस दिन भगवान इन्द्र की पूजा भी की जाती है।
 
विज्ञापन

3 of 5
सूर्य देव
पोंगल के दूसरे दिन यानि सूर्य पोंगल पर सूर्य देव की पूजा आराधना की जाती है। सूर्य के प्रकाश के कारण ही अन्न जल की प्राप्ति होती है, उनके प्रति आभार व्यक्त करने की लिए इस दिन विशेष तरह से खीर बनाई जाती है। इसका भोग सूर्य देवता को लगाया जाता है। इस भोग को पगल कहा जाता है, इसलिए इसे पोंगल कहते हैं।

4 of 5
pongal
पोंगल के तीसरे दिन को मट्टू अर्थात बैल की पूजा की जाती है। बैल को नंदी स्वरूप मानकर पूजा की जाती है। इसके अलावा पशुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। क्योंकि पशु जीविकोपार्जन में सहायक होते हैं। इस दिन गाय-बैलों को फूल माला से सजाया जाता है। महिलाएं पक्षियों को दाना डालती हैं और भाई की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करती हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
पोंगल चौथे दिन घरों को फूलों से सजाया जाता है। महिलाएं आंगन में रंगोली बनाती हैं। कन्या पूजन किया जाता है, यह पोंगल का आखिरी दिन होता है। इसलिए रिश्तेदार, भाई, बंधु- मित्र एक दूसरे से भेंट करने घर आते हैं और एक दूसरे को पोंगल पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें