सूर्य के उत्तरायण होने पर दक्षिण भारत में पोंगल का त्योहार बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन तमिल नववर्ष का आरंभ भी होता है। पोंगल का पर्व प्रकृति और कृषि से जुड़ा हुआ है। दक्षिण भारत में धान की फसल कांटने के बाद लोग अपनी प्रसन्नता प्रकट करने के लिए पोंगल का त्योहार मनाते हैं। इस दिन लोग समृद्धि लाने के लिए वर्षा, धूप, सूर्य, इन्द्रदेव और खेतिहर पशुओं की पूजा-आराधना की जाती है। यह उत्सव पूरे चार दिनों तक चलता है। तो चलिए जानते हैं कि किस दिन क्या किया जाता है।