Somnath Swabhiman Parv: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 जनवरी, रविवार की सुबह सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत आयोजित भव्य शौर्य यात्रा में हिस्सा लिया। यह यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उन असंख्य वीरों को नमन थी, जिन्होंने सोमनाथ मंदिर की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। जानकारी के मुताबिक, इस शौर्य यात्रा की सबसे विशेष झलक रही 108 घोड़ों की प्रतीकात्मक सवारी, जो भारतीय परंपरा में शक्ति, साहस और बलिदान का प्रतीक मानी जाती है। इस दौरान हाथों में भगवान शिव का डमरू थामे प्रधानमंत्री मोदी ने हर-हर महादेव के नारों के बीच यात्रा का नेतृत्व किया। पूरे वातावरण में शिव भक्ति, राष्ट्र गौरव और आत्मसम्मान की अद्भुत अनुभूति देखने को मिली। यह आयोजन सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण की 1000वीं वर्षगांठ पर आयोजित किया गया, जिसे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधिवत पूजा-अर्चना की और भगवान शिव का जलाभिषेक किया है। चूंकि सोमनाथ को भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला स्थान प्राप्त है। इसलिए इससे जुड़ी कई मान्यताएं भी प्रचलित हैं। आइए इससे जुड़ी कथा को जानते हैं।